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गांधी शांति यात्रा लेकर लखनऊ पहुंचे यशवंत सिन्हा बोले- CAA में कई खामियां, लागू करने में होगी दिक्कत
Lucknow News in Hindi

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 27, 2020, 6:43 PM IST
गांधी शांति यात्रा लेकर लखनऊ पहुंचे यशवंत सिन्हा बोले- CAA में कई खामियां, लागू करने में होगी दिक्कत
गांधी शांति यात्रा लेकर लखनऊ पहुंचे बीजेपी के बागी यशवंत सिन्हा

किसी जमाने में भारतीय जनता पार्टी का चेहरा रहे यशवंत सिन्हा ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी दफ्तर में पत्रकारों से बात करते हुए सीएए के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा.

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लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बागी नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) के नेतृत्व में 9 जनवरी 2020 को मुंबई (Mumbai) के गेट वे ऑफ इंडिया (Gate Way of India) से शुरू हुई 'गांधी शांति यात्रा' (Gandhi Shanti Yatra) सोमवार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) पहुंची. इस मौके पर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) कार्यालय में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए यशवंत सिन्हा ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

दरअसल, किसी जमाने में भारतीय जनता पार्टी का चेहरा रहे यशवंत सिन्हा ने आज समाजवादी पार्टी दफ्तर में पत्रकारों से बात करते हुए सीएए के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा. यशवंत सिन्हा ने कहा कि "दमन से कोई भी आंदोलन दबता नहीं है. आंदोलनों के सामने बड़ी-बड़ी सरकारों को भी झुकना पड़ा है. सरकार के पास जब यह अधिकार है कि वह किसी को भी नागरिकता दे सकती है, फिर धर्म के आधार पर इस तरह के कानून को बनाने की क्या जरूरत थी." यशवंत सिन्हा कहते हैं "दरअसल इस कानून में इतनी खामियां हैं कि इसको ज़मीन पर उतारने में भी बहुत सारी दिक्कतें आएंगी, लेकिन सरकार को इससे क्या लेना है? सरकार का तो मुख्य मकसद है कि वह जनता को आपस में लड़वा दे."

शत्रुघ्न सिन्हा बोले, हम विरोध करते रहेंगे
प्रेस वार्ता के दौरान ज्यादा बातचीत हालांकि यशवंत सिन्हा ने ही की, लेकिन आखिर में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "सीएए और एनआरसी का हम डंके की चोट पर विरोध करते रहेंगे. यह देश विरोधी है और इसका विरोध तब तक नहीं रुकेगा जब तक सरकार इसको वापस न ले ले." शत्रुघ्न ने अपने फ़िल्मी अंदाज में पत्रकारों की चाहत पर अपना मशहूर डायलॉग "खामोश" भी सुनाया.



अखिलेश यादव ने कही ये बात
अखिलेश यादव से जब पीएफआई के विभिन्न खातों में आए 120 करोड़ रुपये के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "सरकार के हाथ बहुत लंबे होते हैं और सरकार को चाहिए कि आखिर इतना पैसा कहां से आया, इस बात की जांच करवाएं और दोषियों को सजा मिले.'' अखिलेश यादव ने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार हिंसा और दमनकारी नीति अपनाकर अपनी ही जनता पर जुल्म ढा रही है."

क्या है गांधी शांति यात्रा?
9 जनवरी 2020 को मुंबई के गेट वे ऑफ इंडिया से गांधी शांति यात्रा की शुरुआत यशवंत सिन्हा ने की है. एनसीपी के नेता शरद पवार ने हरी झंडी दिखाकर इस यात्रा को रवाना किया था. इस यात्रा का मकसद देश भर में 3 हज़ार किलोमीटर का सफर तय करके एनआरसी और सीएए के विरोध में लोगों को जागरूक करना है. ऐसा भी माना जा सकता है कि CAA के विरोध में विपक्ष ने जिस यात्रा की शुरुआत की है उसको "गांधी शांति यात्रा" का नाम दिया गया है.

कहां-कहां जा रही है गांधी शांति यात्रा?
महाराष्ट्र के गेटवे ऑफ इंडिया से शुरू होकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा होते हुए 30 जनवरी 2020 को राजघाट पर गांधी शांति यात्रा का समापन होगा. बता दें कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि भी है. गांधी शांति यात्रा पूरे देश में कुल 3000 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय कर रही है.

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First published: January 27, 2020, 3:38 PM IST
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