हजारों जिंदगियां बचाने वाले लखनऊ के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ फजल करीम की कोरोना से मौत

लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर फ़ज़ल करीम की कोरोना से मृत्यु हो गई है.

लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर फ़ज़ल करीम की कोरोना से मृत्यु हो गई है.

Lucknow News: लखनऊ की एरा मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रो उप कुलपति मीसम अली खान ने कहा कि एरा परिवार ने आज अपने सबसे प्रिय सदस्य डॉ फजल करीम को खो दिया है. डॉ फजल कर्मचारियों, छात्रों, मरीजों और सहयोगियों को अपने परिवार की तरह मानते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 28, 2021, 9:13 PM IST
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लखनऊ. हजारों जिंदगियां बचाकर परिवारों में खुशी लौटने वाले लखनऊ (Lucknow) शहर के प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ फजल करीम (Dr Fazal Kareem) खुद कोरोना (COVID-19) से जंग हार गए. एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज (Era Medical College) के हृदय रोग विभाग के प्रमुख डॉक्टर फ़ज़ल करीम 9 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित हुए थे. वे अस्पताल में भर्ती थे. 4 दिन पहले ब्रेन स्ट्रोक के कारण उनकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई थी. तभी से सोशल मीडिया के तमाम माध्यमों पर उनके स्वस्थ होने की दुआएं मांगी जा रही थी. लोगो ने डॉ फ़ज़ल की फ़ोटो को अपनी डीपी तक बना लिया था. लेकिन जिंदगी की जंग आखिरकार वो हार गए और बुधवार सुबह उन्होंने एरा में अंतिम सांस ली.

डॉ फ़ज़ल को बेहतर कार्डियोलॉजिस्ट के साथ ही गरीबो का मसीहा भी कहा जाता था. वे मरीजों को अपने परिवार का सदस्य मानते थे. यहां तक कि अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों के लिए अपने घर से भी खाना लाते थे. वो हर स्तर से गरीबों की मदद करते थे. उनकी मौत न सिर्फ उनके परिवार और दोस्तों का नुकसान है बल्कि मेडिकल की दुनिया का भी बड़ा नुकसान है. 46 साल की उम्र में ही डाक्टर फ़ज़ल करीम ने चिकित्सा विशेषज्ञों की दुनिया मे अपना नाम कमाया था. उन्होंने एमबीबीएस अलीगढ़ के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से किया था. एमडी और डीएम कार्डियोलॉजी पीजीआई चंडीगढ़ से किया था. डॉ फ़ज़ल 2015 से एरा में कार्यरत थे. डॉ फ़ज़ल की मौत से चारों तरफ शोक की लहर है.

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एरा यूनिवर्सिटी ने दी श्रद्धांजलि
एरा यूनिवर्सिटी के प्रो उप कुलपति मीसम अली खान ने कहा कि एरा परिवार ने आज अपने सबसे प्रिय सदस्य को खो दिया है. डॉ फ़ज़ल कर्मचारियों, छात्रों, मरीजो और सहयोगियों को अपने परिवार की तरह मानते थे. हम सभी अपने जीवन में कई अच्छे लोगों को जानते हैं लेकिन जिस कद पर मैंने उन्हें देखा वह बहुत ऊंचा था. एक ईमानदार, दयालु और विद्वान व्यक्ति को खोजना मुश्किल है, इसे कभी भी प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस मौके पर हम जरूरतमंद और गरीब मरीजों की सेवा के लिए अपने संकल्प को और मजबूत करते हैं, हमारी सेवा ही इस महान आत्मा को हम सभी की तरफ से सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

उन्होंने डॉ फ़ज़ल को बचाने में लगी क्रिटिकल केयर डिपार्टमेंट की टीम डॉ मुस्तहसिन मलिक, डॉ मधुलिखा, रेजिडेंट्स और अन्य सभी स्टाफ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भगवान डॉ फ़ज़ल के परिवार और एरा परिवार को इस नुकसान को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. मृतक को स्वर्ग में सर्वोच्च स्थान प्रदान करें.
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