लाइव टीवी

अयोध्या फैसला: रिव्यू पिटिशन और 5 एकड़ जमीन पर सुन्नी वक्फ बोर्ड में मचा घमासान, चेयरमैन के खिलाफ खुला मोर्चा

Mohd Shabab | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 21, 2019, 12:01 PM IST
अयोध्या फैसला: रिव्यू पिटिशन और 5 एकड़ जमीन पर सुन्नी वक्फ बोर्ड में मचा घमासान, चेयरमैन के खिलाफ खुला मोर्चा
सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य अब्दुल रज्जाक खान ने चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) के दूसरे मेंबर चेयरमैन (Chairman) के जमीन लेने और रिव्यू पिटीशन (Review Petition) दायर न करने के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आ रहे हैं. बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य अब्दुल रज्जाक खान (Abdul Razzak Khan) इस बात को लेकर खुलकर विरोध में उतर आए हैं.

  • Share this:
लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Of India) द्वारा 9 नवंबर को दिए गए अयोध्या जमीन विवाद पर फैसले (Ayodhya Verdict) को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने ऐलान कर दिया है कि वह रिव्यू पिटीशन (Review Petition) दायर कर रहा है. बता दें इस मामले में सबसे बड़े मुस्लिम पक्षकार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) ने अपने को इससे अलग किया था. लेकिन अब रिव्यू पिटीशन दायर करने और अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से दी गई 5 एकड़ जमीन को लेने पर सुन्नी वक्फ बोर्ड में ही घमासान मचा हुआ है.

बोर्ड के दूसरे मेंबर चेयरमैन के जमीन लेने और रिव्यू पिटीशन दायर न करने के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आ रहे हैं. बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य अब्दुल रज्जाक खान इस बात को लेकर खुलकर विरोध में उतर आए हैं. अब्दुल रज्जाक खान कहते हैं कि रिव्यू पिटीशन दायर न करने और अयोध्या में जमीन लेने का फैसला बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारुकी का एजेंडा है. वो सीबीआई जांच से बचने के लिए इस तरह की बातें कर रहें हैं और बोर्ड इस तरह की बातों को कतई नहीं कहता. उन्होंने कहा कि हंम इसके खिलाफ 26 नवंबर को होने वाली मीटिंग में विरोध करेंगे.

हमें रिव्यू पिटीशन दायर करना चाहिए था: अब्दुल रज्जाक

उन्होंने साफ तौर से इस बात को खुलकर कहा कि पहली बात तो यह कि हमें रिव्यू पिटीशन दायर करना चाहिए था क्योंकि यह हमारा अधिकार था. इसके अलावा सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में मिलने वाली जमीन को नहीं लेना चाहिए था क्योंकि शरियत इस बात की इजाजत नहीं देता. उन्होंने इस बात को भी कहा कि वहां पर उस जमीन पर क्या बनेगा? इस पर अभी कुछ भी नहीं कहना चाहिए.

जुफर फारुकी अपना फैसला बोर्ड का बता रहे हैं

जुफर फारूकी ने अयोध्या में मिलने वाली 5 एकड़ जमीन पर अस्पताल यूनिवर्सिटी बनाने जैसे प्रपोजल आने की बात भी कही थी. इस पर अब्दुल रजाक कहते हैं कि ये सब जुफर फारुकी की ही मिलीभगत है. वह खुद इस तरह के प्रपोजल मंगा रहे हैं और उसके बाद उसे बोर्ड का फैसला बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को होने वाली मीटिंग में सभी मेंबर अपनी अपनी बात कहेंगे.

कुल 8 सदस्य हैं सुन्नी वक्फ बोर्ड में
Loading...

आपको बता दें कि सुन्नी वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष फारूकी समेत कुल 8 सदस्य हैं. जिनमें 2 सदस्य इमरान खान और अब्दुल रज्जाक खान बार काउंसिल से हैं. एक सदस्य मोहम्मद जुनैद सिद्दीकी सरकार की ओर से मनोनीत हैं. विधायक अबरार अहमद के अलावा अदनान फारुख शाह, जुनैद सिद्दीकी और सैयद अहमद अली बोर्ड में शामिल हैं.

ये भी पढ़ें:

PDS भ्रष्टाचार: योगी सरकार का दावा- गरीबों का बचाया 1192 करोड़ का अनाज

17 साल पहले चीनी मिल के लिए किसानों ने खाईं थीं गोलियां, CM करेंगे उद्घाटन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 21, 2019, 11:58 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...