चंदे के बहाने फिर अपर्णा यादव पर टिकी सबकी निगाहें, क्या है बीजेपी की रणनीति

मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने राममंदिर निर्माण के लिए ग्यारह लाख का चेक सौंपा.

मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने राममंदिर निर्माण के लिए ग्यारह लाख का चेक सौंपा.

UP Politics: सपा संरक्षक मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव ने राममंदिर निर्माण के लिए 11 लाख रुपए का चंदा दिया है. लेकिन अब इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. चंदा के बहाने एक बार फिर सबकी निगाहें अपर्णा यादव पर टिकी हैं. मिशन 2022 के लिए चुनावी तैयारी में जुटी भाजपा के लिए एक राजनीतिक संदेश भी साबित हो सकता है.

  • Share this:
लखनऊ. कारसेवकों पर गोली चलवाने को लेकर भाजपा के निशाने पर रहे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने राममंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि का ग्यारह लाख का चेक क्या सौंपा सियासत भी गरमा गई. समर्पण निधि को लेने खुद राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के अवध प्रांत प्रचारक कौशलजी और अवधप्रांत के कार्यवाह प्रशांत भाटिया अपर्णा यादव के घर पहुंचे और 11 लाख रुपए की समर्पण निधि ली. राममंदिर निर्माण में इस सहयोग पर बीजेपी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है.

बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला कहते हैं कि अयोध्या में जन्मभूमि पर मंदिर बनने का जबसे मार्ग प्रशस्त हुआ है तब से विश्वभर का रामभक्त आह्लादित है और मंदिर निर्माण में उसका भी कुछ योगदान हो इसके लिए निधि समर्पित कर रहा है, इसी तरह अपर्णा यादव ने भी मंदिर निर्माण में यथासंभव योगदान दिया है लेकिन अखिलेश यादव सरीखे नेता इसे चंदा का नाम देते हैं और हिकारत भरी बातें करते हैं. अखिलेश यादव को अपनी बहू अपर्णा यादव से सीख लेना चाहिए और देश के बहुसंख्यकों की भावनाओं से खेलने वाली बयानबाजी नहीं करनी चाहिए.

Youtube Video


दूसरी तरफ अपर्णा यादव के समर्पण निधि देने के सवाल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बीजेपी को अवसरवादी पार्टी करार देते हैं. अखिलेश कहते हैं कि बीजेपी आपदा में अवसर तलाशती है. वहीं कांग्रेस नेता अशोक सिंह कहते हैं कि दान और चंदा में जमीन आसमान का अंतर होता है. दान स्वेच्छा से दिया जाता है. अपर्णा यादव ने दान दिया है वो मुलायम सिंह की बहू हैं. मुलायम सिंह के बयान भी समय-समय पर आते रहते है. लेकिन सवाल चंदा पर है. चंदा वसूलना स्वेच्छा नहीं हो सकता. अपर्णा यादव सपा की नेता हैं और आस्थावश दान दिया है, इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. आस्था हमारी भी है. आपकी भी है लेकिन पूरा देश देख रहा है कि चंदा कौन वसूल रहा है और दान कौन दे रहा है.
चंदा के बहाने एक बार फिर सबकी निगाहें अपर्णा यादव पर टिकी हैं क्योंकि मिशन 2022 के लिए चुनावी तैयारी में जुटी भाजपा के लिए अपर्णा का समर्पण निधि में योगदान समाजवादी पार्टी के लिए एक राजनीतिक संदेश भी साबित हो सकता है. जिस तरह समाजवादी पार्टी ने 2009 के आम चुनाव से पहले बीजेपी के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह को अपने पाले में करके एक संदेश दिया था, क्या कुछ ऐसी ही रणनीति पर भाजपा चल रही, यह देखना वाली बात होगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज