सावधान! जहरीला हो गया है फलों का राजा आम, खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

आम को पकाने के लिए जिस कार्बाइड का इस्तेमाल किया जा रहा है वो आपको कैंसर जैसी गंभीर बीमारी दे सकता है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 17, 2019, 9:56 PM IST
सावधान! जहरीला हो गया है फलों का राजा आम, खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान
ऐसे करें कार्बाइड में पके आम की पहचान
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Updated: May 17, 2019, 9:56 PM IST
गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों को इंतजार होता है फलों के राजा आम का. तो आपका इंतजार अब खत्म हुआ क्योंकि फलों का बाजार आम के अलौकिक सुगंध के महक उठा है. लंगड़ा, चौसा, दशहरी, तोतापरी, जैसे अमृतफल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. पर सावधान कहीं आप आम की शक्ल में पीला जहर तो नहीं खरीद रहे हैं.

जी हां पीला जहर क्योंकि आम को पकाने के लिए जिस कार्बाइड का इस्तेमाल किया जा रहा है वो  आपको कैंसर जैसी गंभीर बीमारी दे सकता है. व्यापारी आम को पकाने के लिए बड़े पैमाने पर जिस कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग कर रहे हैं. इसका इस्तेमाल मानव शरीर के लिए अत्यंत घातक है. इसका अत्यधिक सेवन से व्यक्ति कैंसर का शिकार हो सकता है.



इन सबके बीच यह जरूरी है कि यदि आप बाजार में आम खरीदने जा रहे हैं तो पहले उसकी जांच करें. दुकानदार से जाने कि जो आम आप खरीद रहे हैं, वह कैसा है. कैसे पकाया गया है और इसे खाने में क्या सावधानी बरतनी है. बिना जांच के खरीदा जान वाला आम पेट व अन्य रोगों को जन्म दे सकता हैं.

कार्बाइड वाला आम से परेशानियां

डॉक्टर के मुताबिक कार्बाइड से पके आमों के उपयोग करने पर लोगों को उल्टी आना, कमजोरी महसूस होना, सांस लेने में परेशानी होना, सिर में दर्द होना, छाती में जलन होना एवं चमड़े पर घाव सहित कई तरह की परेशानी हो सकती है. कार्बाइड से पके फलों को अधिक दिनों तक खाने से पाचन तंत्र में गड़बड़ी आ सकती है. धीरे-धीरे कार्बाइड आंतों को प्रभावित करने लगता है. कार्बाइड के लगातार सेवन से आंतों में कैंसर होने लगता है. कार्बाइड लिवर कैंसर का कारण भी बन सकता है.

कैसे करें पहचान
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि आम तौर पर स्थानीय पेड़ से निकला आम आधा हरा व आधा पीला हो सकता है. आम में हरा साफ दिखता है. लेकिन, कार्बाइड वाले आम में ऐसा नहीं होता है. वह पूरे तौर पीला दिखता है. साथ ही उसमें किसी तरह की खुशबू नहीं के बराबर होती है. हाथ में लेने पर गर्मी का एहसास होता है. जबकि, स्थानीय पेड़ से निकले आम में ऐसा नहीं होता है.
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