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RLD प्रमुख जयंत चौधरी का बड़ा ऐलान, पूर्व विधायक रामाशीष राय को बनाया यूपी प्रदेश अध्यक्ष

राष्‍ट्रीय लोकदल चीफ जयंत चौधरी ने यूपी टीम का ऐलान कर दिया है.

राष्‍ट्रीय लोकदल चीफ जयंत चौधरी ने यूपी टीम का ऐलान कर दिया है.

Jayant Chaudhary: राष्‍ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पूर्व विधायक रामाशीष राय को यूपी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्‍मेदारी सौंपी है. वहीं, मंजीत सिंह को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष (प्रभारी फ्रंटल संगठन), तो कवर हसन का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष (प्रभारी सेक्टर संगठन) का जिम्‍मा सौंपा गया है.

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लखनऊ. राष्‍ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. पूर्व विधायक रामाशीष राय को यूपी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. वहीं, मंजीत सिंह को पार्टी का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष (प्रभारी फ्रंटल संगठन) बनाया गया है. जबकि कवर हसन को राष्‍ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष (प्रभारी सेक्टर संगठन) का जिम्‍मा सौंपा गया है. रामाशीष राय लंबे समय से आरएलडी से जुड़े हैं. वह चौधरी अजित सिंह के भी करीबी माने जाते रहे हैं. वैसे अभी तक वह राष्ट्रीय लोकदल किसान प्रकोष्ठ का कार्यभार देख रहे थे.

इसके अलावा राष्‍ट्रीय लोकदल के चीफ जयंत चौधरी पार्टी के प्रदेश संयोजक की जिम्‍मेदारी ऐश्वर्यराज सिंह को सौंपी है. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि इन नियुक्तियों से पार्टी संगठन और अधिक गतिशील व सशक्‍त होगा. वहीं, जयंत चौधरी यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में मिली कामयाबी के बाद पार्टी को मजबूत करने में जुट गए हैं, ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में अधिक फायदा मिल सके.

RLD, जयंत चौधरी

रामाशीष राय आरएलडी से पहले विधायक रह चुके हैं.

यूपी विधानसभा चुनाव के बाद से खाली था यूपी अध्‍यक्ष पद
बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद राष्‍ट्रीय लोकदल के यूपी मसूद अहमद ने जयंत चौधरी पर 7 पन्नों का पत्र लिखकर कई सनसनीखेज आरोप लगाते हुए पद छोड़ दिया था. उन्‍होंने जयंत चौधरी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप लगाया था. इसके साथ मसूद अहमद ने कहा था कि जयंत चौधरी ने हापुड़ विधानसभा सीट 8 करोड़ रुपये में बेची थी. इसके अलावा मसूद अहमद ने कहा था कि गठबंधन के नेताओं ने मुसलमानों और दलितों की अनदेखी की, तो चंद्रशेखर आजाद को साथ न लेना भी एक बड़ी भूल थी. जबकि मुसलमानों और दलितों के मुद्दों को पार्टी नेताओं द्वारा चुनाव में नहीं उठाया गया था, लिहाजा पार्टी को चुनाव में काफी नुकसान हुआ.

वहीं, उन्‍होंने लिखा था है कि मैं 2015-2016 में चौधरी अजीत सिंह के आवाहन पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के मूल्‍यों के साथ जाट और मुस्लिम एकता, किसानों, शोषित और वंचित वर्गाों के अधिकार के लिए आरएलडी में शामिल हुआ था. यही नहीं, मैंने तन, मन और धन से पार्टी को समर्पित होकर काम किया. इसके बाद 2016-2017 में मुझे पार्टी का यूपी प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया गया. मैंने बुरे दौर में भी काम किया, लेकिन जयंत चौधरी ने यूपी चुनाव में मेरी एक भी बात नहीं मानी.

बहरहाल, यूपी विधानसभा चुनाव में सपा और आरएलडी ने मिलकर चुनाव लड़ा था. इस दौरान सपा को 111 तो जयंत चौधरी की पार्टी को 8 सीटों पर जीत मिली. वहीं, गठबंधन के एक अन्‍य सहयोगी ओमप्रकाश राजभर की पार्टी ने छह सीटों पर जीत दर्ज की. जबकि जयंत चौधरी सपा और आरएलडी के संयुक्‍त प्रत्‍याशी के तौर पर राज्‍यसभा जा रहे हैं. वह 31 मई को अपना नामांकन करेंगे.

Tags: Akhilesh yadav, Jayant Chaudhary, Rld, UP news

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