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यूपी की राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक का हाल: 2 घंटे का VIP मूवमेंट, 24 घंटे का जाम
Lucknow News in Hindi

Mohd Shabab | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 17, 2020, 2:42 PM IST
यूपी की राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक का हाल: 2 घंटे का VIP मूवमेंट, 24 घंटे का जाम
लखनऊ में वीआईपी मूवमेंट के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है. (सांकेतिक तस्वीर)

राजधानी के विधानसभा में चल रहे सातवीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन के इंडिया रीजन सम्मेलन में पहुंचे वीआईपी लोगों के साथ आए लोगों ने विधानभवन के सामने ही वाहन खड़े कर दिए. इससे भीषण जाम लग गया.

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लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) कहने को तो हाइटेक शहर है. दावे किए जाते हैं कि यहां सारी चीजें उंगलियों पर उपलब्ध रहती हैं. तस्वीर का दूसरा पहलू ये है कि हाइटेक बनाने के तमाम दावों के बीच लखनऊ में जाम की समस्या सबसे ज्यादा विकट है. असल में यातायात व्यवस्था में लखनऊ बहुत पीछे है. जाम की सबसे बड़ी वजह लखनऊ में रोजाना वीआईपी मूवमेंट (VIP Movement) रहता है. एक मंत्री की फ्लीट निकालने के लिये पूरा ट्रैफिक (Traffic) रोक दिया जाता है. जिसका खामियाजा ये होता है कि इसके बाद पैदा हुए जाम को क्लियर होने में घंटो लग जाते हैं. मतलब ये कि 10 मिनट के लिए जो ट्रैफिक रुकता है, उसे दुरुस्त होने में 2 घंटे तक लग जाते हैं.

गुरूवार से राजधानी के विधानसभा में चल रहे सातवीं कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन के इंडिया रीजन सम्मेलन के मद्देनजर हफ्ता भर पहले से रूट को डाइवर्ट करने यातायात व्यवस्था दुरूस्त करने के लाख दावे थे. लेकिन नतीजा ये हैं कि सम्मेलन में पहुंचे वीआईपी लोगों के साथ आए लोगों ने विधानभवन के सामने ही वाहन खड़े कर दिए. इससे भीषण जाम लग गया. बड़े गणमान्य लोगों के साथ आए दूसरे नेता जहां-तहां गाड़ी लगाते रहे. ट्रैफिक सिपाही भी मजबूर दिखे क्योंकि उनके कहने के बावजूद कोई गाड़ी नहीं हटा रहा था.

विधान भवन में कार्यक्रम और बीजेपी में नामांकन से सड़क पर थमीं गाड़ियों की रफ्तार

इस अव्यवस्था का असर ये हुआ कि हजरतगंज से चारबाग, हजरतगंज से निशातगंज, गोमतीनगर, पुराना लखनऊ, जानकीपुरम, अलीगंज जाने के लिये लोग अपनी अपनी गाड़ियों के साथ रेंगते नजर आए. गुरूवार को तो जाम ने लोगों की सांसें ही फुला दीं. एक तरफ विधानभवन में कार्यक्रम, दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का नामांकन. इस दौरान बीजेपी कार्यलय के सामने भी दर्जनों गाड़ियां खड़ी रहीं. इससे हजरतगंज में दिनभर यातायात बाधित रहा. शहर में लोग भी ट्रैफिक लाइट का पालन नहीं करते. बेतरतीब वाहन चलाना दूसरे लोगों के लिये परेशानी का सबब बनता है. शहर के एक कोने में 10 मिनट के जाम से पूरे लखनऊ में जाम की समस्या बन जाती है.

विधानसभा के आसपास सबसे ज्यादा ट्रैफिक पर दबाव

लखनऊ की विधानसभा, सचिवालय, बापू भवन, एनेक्सी ये वो इमारतें हैं जहां दिनभर सैंकड़ों लोगों की आवाजाही रहती है. नेता, मंत्री दिन भर अपने यहीं के दफ्तरों में रहते हैं लेकिन यहीं पर जाम की समस्या सबसे ज्यादा विकराल है. असल में मंत्री, विधायक की गाड़ी पर तो विधानसभा का पास होता है वो तो इमारतों के भीतर चली जाती हैं. लेकिन उनसे मिलने आने वालों के पास या नेता जी के साथ आए उनके कार्यकर्ताओं के पास कोई विकल्प नहीं रहता. उनकी गाड़ी अंदर नहीं जाने दी जाती. लिहाजा वो सड़क पर ही अपनी गाड़ी खड़ी कर देते हैं और घंटो वो खड़ी गाड़ियां जाम का सबब बनती है. एसपी ट्रैफिक पूर्णेन्द्र के मुताबिक राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने में हम लगातार प्रयासरत रहते हैं. हमारी अपेक्षा है कि आम सहभागिता भी इसमें बढ़े ताकि अनावश्यक ट्रैफिक जाम से निजात मिल सके.

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First published: January 17, 2020, 2:41 PM IST
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