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UP ATS की छापेमारी में खलीलाबाद से म्यांमार का रोहिंग्या अजीजुल्लाह गिरफ्तार, जानिए कैसे बना 'भारतीय'

यूपी एटीएस ने खलीलाबाद से रोहिंग्या अजीजुल्लाह को गिरफ्तार किया है
यूपी एटीएस ने खलीलाबाद से रोहिंग्या अजीजुल्लाह को गिरफ्तार किया है

अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि एटीएस (UP ATS) को सूचना मिली थी कि म्यांमार निवासी रोहिंग्या अवैध रूप से भारत में प्रवेश करके सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर में रह रहा है. इस शख्स ने दो पासपोर्ट भी फर्जी कागजातों के आधार पर बनवाए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 6, 2021, 6:18 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) ने बुधवार को छापेमारी कर म्यांमार (Myanmar) के रहने वाले अजीजुल हक उर्फ अजीजुल्लाह को खलीलाबाद (Khalilabad), संत कबीर नगर से गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खातों में कई स्रोतों से रक़म आई है. आरोपी के फोन की गहन पड़ताल की जा रही है. आरोपी ने फर्जी कागज़ातों पर दो भारतीय पासपोर्ट बनवाए थे. उससे मिली जानकारी के आधार पर एटीएस की टीमें कई और जगह रेड मार रही हैं.

अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि एटीएस को सूचना मिली थी कि म्यांमार निवासी रोहिंग्या अवैध रूप से भारत में प्रवेश करके सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर में रह रहा है. पता चला कि म्यांमार के रहने वाले इस शख्स ने दो पासपोर्ट भी फर्जी राशन कार्ड, मार्कशीट और प्राथमिक पाठशाला के ट्रांसफर सर्टिफिकेशट के आधार पर बनवाए हैं. इन पासपोर्ट पर इसने सऊदी अरब और बांग्लादेश की यात्रा की. 2017 में इसनें अपनी मां, बहन और दो भाइयों को भी अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराया और उनके भी फर्जी दस्तावेज बनवाए. यह भी पता चला है कि अजीजुल्लाह के खाते में विभिन्न व्यक्तियों, फर्मों और विदेशों से भी काफी पैसा आया है, जिसकी जांच की जा रही हैँ.

उन्होंने बताया कि यूपी एटीएस दूसरे राज्यों में भी जांच कर रही है, जिससे अजीजुल्लाह के सहयोगियों का विवरण और साक्ष्य संकलित किए जा सकें. वहीं अभियुक्त से मिली जानकारी पर यूपी के कई अन्य जिलों में भी दबिश दी जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है.



ये कागजात हुए बरामद
एडीजी ने बताया कि इसके पास से दो भारतीय पासपोर्ट, 3 आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, राशन कार्ड और 5 बैंकों की पासबुक मिली हैं. ये मूल रूप से म्यांमार में नयाफारा, थाना बुलिडंग, जिला आक्याब रखाइन का रहने वाला है और इस समय संत कबीर नगर में नौरो गांव, पोस्ट व थाना बखिरा, चमरसन में रह रहा था.

20 साल पहले भारत में अवैध रूप से घुसा

पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि 2001 में ये बांग्लादेश के रास्ते भारत आया था. मामले में बदरे आलम, निवासी- ग्राम नौरो, पोस्ट व थाना बखीरा ने बताया कि अजीजुल्लाह उसका सगा बेटा नहीं है और न ही उसका रिश्तेदार है. बल्कि उसके बेटे इनायत उल्ला को मुंबई में मिला था. अजीजुल्लाह ने खुद को अनाथ बताया, जिस पर उसे दया आ गई और उसे वह घर ले आया. बदरे आलम ने बताया कि उसने अजीजुल्लाह का नाम अपने राशनकार्ड में दर्ज करवा दिया, जिसके आधार पर इसने भारतीय पासपोर्ट और अन्य कागजात बनवा लिए.

19 साल से आराम से रह रहा

वहीं अजीजुल्लाह ने बताया कि 2002 से भारत में रह रहा है और वर्ष 2017 में उसने अपनी मां आबिदा खतून, बहन फातिमा खातू, दो भाई जिया उल हक और मोहम्मद नूर को भी भारत ले आया. उसका भाई जिया उल हक इस समय नासिक में रहता है, वहीं बहनोई नूर आलम और भाई मोहम्मद नूर खलीलाबाद आने के बाद कहीं चले गए हैं.
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