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RSS की प्रचारक बैठक, यूपी फतह कराने वाले सुनील बंसल का बढ़ सकता है कद

Kumari ranjana | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 10, 2019, 12:12 PM IST
RSS की प्रचारक बैठक, यूपी फतह कराने वाले सुनील बंसल का बढ़ सकता है कद
आरएसएस की विजयवाड़ा में होने वाली बैठक में सुनील बंसल की जिम्मेदारी में इजाफा किया जा सकता है.

आरएसएस की अखिल भारतीय वार्षिक प्रचारक बैठक विजयवाड़ा में हो रही है. इसमें बीजेपी की राष्ट्रीय टीम से लेकर यूपी सहित कई राज्यों के संगठन में प्रचारक भेजे जा सकते हैं. वहीं बैठक में यूपी में भी एक सह संगठन मंत्री की नई एंट्री पर फैसला हो सकता है.

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आरएसएस की महत्वपूर्ण अखिल भारतीय वार्षिक प्रचारक बैठक विजयवाड़ा में होगी. प्रान्त प्रचारक से ऊपर के सभी बड़े पदाधिकारी बैठक में शामिल होंगे. 11 से 13 जुलाई तक आयोजित बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत सहित सभी बड़े पदाधिकारी शिरकत करेंगे. बैठक में शामिल होने के लिए यूपी से दोनों क्षेत्र प्रचारक और सभी प्रान्त प्रचारक विजयवाड़ा रवाना हो गए हैं. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बदलाव होने की उम्मीद की जा रही है.

इस बार की बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें भाजपा संगठन में आरएसएस की तरफ से भेजे जाने वाले अनुभवी प्रचारकों पर फैसला हो सकता है. बीजेपी की राष्ट्रीय टीम से लेकर यूपी सहित कई राज्यों के संगठन में प्रचारक भेजे जा सकते हैं. वहीं बैठक में यूपी में भी एक सह संगठन मंत्री की नई एंट्री पर फैसला हो सकता है. यही नहीं यूपी के महामंत्री संगठन सुनील बंसल के कद बढ़ाने पर भी फैसला हो सकता है. वह राष्ट्रीय टीम में भेजे जा सकते हैं या अन्य जिम्मेदारी पर फैसला सम्भव है. आरएसएस द्वारा अपने प्रचारकों को भाजपा या अन्य अनुषांगिक संगठनों में संगठन मंत्री के रूप में भेजने की परम्परा है.

बीजेपी ने की है 12 जोशीले प्रचारकों की मांग

दरअसल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से 12 जोशीले प्रचारकों की मांग की है. अनुमान लगाया जा रहा है कि बीजेपी की संगठन में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि इन प्रचारकों को बीजेपी में प्रदेश संगठन से लेकर राष्ट्रीय संगठन तक में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. इन्हें परंपरा के अनुसार संगठन मंत्री बनाया जाएगा. दरअसल बीजेपी में हर स्तर पर प्रचारकों के लिए पद रहते हैं.

पहले भी रही है परंपरा

वैसे जुलाई में होने वाली यह बैठक इसलिए भी खास होती है क्योंकि इसमें संघ के अलग-अलग संगठन की जिम्मेदारियां निभाने वाले प्रचारकों के कार्यक्षेत्र में भी संघ की ओर से बदलाव किया जाता है. पहले भी यही परंपरा रही है कि पार्टी से मांग होने पर किन प्रचारकों को पार्टी में भेजा जाए इसका फैसला इसी बैठक में लिया जाता रहा है. इस दौरान अमूमन उन्ही प्रचारकों का नाम आगे बढ़ाया जाता है, जिन्होंने संघ की इकाईयों में काम करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया होता है.

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First published: July 10, 2019, 12:08 PM IST
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