जेठ के बड़े मंगल पर लगा कोरोना का ग्रहण, स्वंयसेवक लगाएंगे ई-भंडारा
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जेठ के बड़े मंगल पर लगा कोरोना का ग्रहण, स्वंयसेवक लगाएंगे ई-भंडारा
मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना की गई

मंगलमान आयोजकों से ई-भंडारा लगाने का आग्रह करता है. इससे जहां एक ओर आयोजकों का भंडारे का संकल्प पूर्ण होगा वही दूसरी ओर प्रसाद ग्रहण कर लोगों का मन तृप्त होगा.

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लखनऊ. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के चलते लखनऊ (Lucknow) के गंगा जमुनी तहजीब का प्रतीक बड़ा मंगल का उत्साह इस बार फीका नजर आएगा. इस कमी को दूर करने के लिए स्वंयसेवक ई भंडारा लगाएंगे. इसके लिए एक वेबसाइट है www.mangalman.in जिसके माध्यम से कोरोना महामारी के कारण बनी विशेष परिस्थितियों में लोगों तक प्रसाद पहुंचाया जाएगा.

प्रोग्राम कोर्डिनेटर पंकज मिश्र कहते हैं कि लखनऊ में पूरा कार्यक्रम स्वंयसेवक रामकुमार तिवारी जी हैं, जो इसको गति दे रहे है. वे कहते हैं कि कोरोना महामाऱी के चलते 2020 के ज्येष्ठ के मंगलो का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है. आज की आवश्यकता हर मंगल को बड़ा मंगल और हर दिन को मंगल करने की है. परन्तु लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टैन्सिंग के दिशा-निर्देशों के परिपेक्ष्य में परंपरागत स्वरुप में भंडारों का आयोजन अत्यंत ही दुरूह कार्य है. ऐसे में शासन-प्रशासन, आयोजकों-भक्तों एवं वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान रखते हुए  मंगलमान आयोजकों से ई-भंडारा  लगाने का आग्रह करता है. इससे जहां एक ओर आयोजकों का भंडारे का संकल्प पूर्ण होगा वही दूसरी ओर प्रसाद ग्रहण कर लोगों का मन तृप्त होगा.
लखनऊ में या लखनऊ के बाहर का कोई भी व्यक्ति बड़े मंगल के मौके पर लोगों तक प्रसाद पहुंचाना चाहता है उसकी ईच्छा स्वंयसेवक पूरा करेंगे.

यहां करवाना होगा रजिस्ट्रेशन
भंडारे के लिए www.mangalman.in  पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. जिस क्षेत्र मे श्रद्धालु प्रसाद बंटवाना चाहते हैं उस क्षेत्र के लिए व्यवस्था की जाएगी. श्रद्धालु अगर कच्चा प्रसाद बंटवाना चाहता है या फिर पका हुआ, दोनों का इंतजाम किया गया है. प्रसाद पकाने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन देखी जा सकती है. अगर आप कैश देना चाहते हैं तो राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की संस्था सेवा भारती के माध्यम से आप दे सकते हैं. इन सब चीजों के लिए पूरी डिटेल वेबसाइट पर मौजूद है.



गौरतलब है कि लखनऊ के हनुमान मंदिरों में बड़ा मंगल मनाया जाता है. इसकी शुरुआत अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर से हुई थी. गंगा जमुनी तहजीब के प्रतीक इस मंदिर पर ध्वज के साथ चांद भी लगा है. जेठ के महीने में जब गर्मी चरम पर होती है तो लखनऊ के हनुमान भक्त सड़कों पर शहर में जगह जगह भंडारे, लंगर, प्याऊ लगाते हैं, जहां वे सभी को प्रसाद वितरित करते हैं.

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