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गठबंधन के बाद यूपी की इन सीटों पर होगी सपा और बसपा की दावेदारी!
Lucknow News in Hindi

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 20, 2018, 2:07 PM IST
गठबंधन के बाद यूपी की इन सीटों पर होगी सपा और बसपा की दावेदारी!
अखिलेश यादव और मायावती (फाइल फोटो)

2014 के लोकसभा चुनाव परिणाम को देखें तो यूपी की 80 में से 34 सीटें ऐसी थीं जहां बसपा उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे.

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए उत्तर प्रदेश में बनने जा रहे माजवादी पार्टी, बसपा और रालोद के बीच गठबंधन की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है. बस इसका औपचारिक ऐलान होना है. उम्मीद जताई जा रही है कि बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिन के मौके पर 15 जनवरी को इसकी घोषणा हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, इस गठबंधन में कांग्रेस के लिए कोई जगह नहीं है, जबकि रालोद को तीन सीटें मिल सकती हैं. गठबंधन कांग्रेस के गढ़ अमेठी और रायबरेली में उम्मीदवार नहीं उतारेगा.

सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन में जो सीटों का बंटवारा हुआ है उसके मुताबिक बसपा 38 सीटों पर लड़ सकती है. सपा 37 और रालोद को तीन सीटें मिल सकती हैं. हालांकि बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि अभी सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है. सब कुछ फाइनल होने के बाद मीडिया को इसकी जानकारी दी जाएगी.

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बावजूद इसके विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों का बंटवारा का फ़ॉर्मूला वही रहेगा. 2014 के लोकसभा चुनाव में जहां-जहां बसपा दूसरे नंबर पर रही, वह सीट उसकी झोली में जाएगी. इसी तरह जिन सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की और दूसरे नंबर पर रही वहां से उसके प्रत्याशी मैदान में होंगे. साथ ही दोनों ही पार्टियां 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के प्रदर्शन को भी देखते हुए सीटों का बंटवारा कर सकती हैं.



2014 के लोकसभा चुनाव परिणाम को देखें तो यूपी की 80 में से 34 सीटें ऐसी थीं जहां बसपा उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे. ये सीटें हैं: मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सिकरी, शाहजहांपुर, खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई, मिश्रिख, मोहनलालगंज, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, अकबरपुर, जालौन, बांदा, फतेहपुर, अम्बेडकरनगर, डुमरियागंज, संतकबीर नगर, महाराजगंज, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, जौनपुर, मछलीशहर, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, रोबर्ट्सगंज. इन सीटों पर बसपा की दावेदारी हो सकती है. साथ ही वह आजमगढ़, बहराइच, घोसी और गाजियाबाद की सीट पर चुनाव लड़ सकती है.

दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने 2014 में पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी और 31 सीटों पर वह दूसरे नंबर पर रही. उपचुनाव में उसे दो और सीटें मिली. इस लिहाज से समाजवादी इन सीटों पर अपनी दावेदारी कर सकती है. कन्नौज, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बदायूं, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, गौतमबुद्धनगर, एटा, आंवला, बरेली, पीलीभीत, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, झांसी, हमीरपुर, कौशाम्बी, फूलपुर, इलाहाबाद, फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज, श्रावस्ती, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, लालगंज, बलिया, गाजिपुर, वाराणसी, कुशीनगर, बाराबंकी और कानपुर.

वहीं रालोद को बागपत, कैराना और मथुरा की सीट मिल सकती है. सूत्रों का दावा है कि सपा अपने कोटे से कुछ प्रमुख नेताओं या छोटी पार्टियों के लिए भी सीट छोड़ सकती है. हालांकि वह उस नेता और उस पार्टी की पकड़ वाली सीट होनी चाहिए.

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First published: December 20, 2018, 1:54 PM IST
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