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सरकार में रहकर मुख्यमंत्री बदला लेने और गोली मारने के बात करते हैं: अखिलेश यादव
Lucknow News in Hindi

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 23, 2020, 4:46 PM IST
सरकार में रहकर मुख्यमंत्री बदला लेने और गोली मारने के बात करते हैं: अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री बदला लेने और गोली मारने के बात करते हैं (फाइल फोटो)

समाजवाद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर यादव ने कहा कि वह खुद अपना मजाक बनवा रहे हैं. लगता है उन्हें संविधान की समझ नहीं है. समाजवाद शब्द तो भारतीय संविधान का हिस्सा है.

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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने रविवार को जारी किेए अपने बयान में एक बार फिर कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अक्सर बदला लेने और गोली मारने की बात कहते हैं तो कोई ठोक देने की बात करता है. यह नेताओं और सरकार की भाषा नहीं है. उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में काम बोला है. 2022 में भी यूपी में काम बोलेगा और समाजवादी पार्टी सरकार बनाएगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा अकेले चुनाव लड़ेगी, कुछ लोगों के साथ एडजस्टमेंट कर सकते हैं. हम सभी जातियों और धर्मों को साथ लेकर हम यूपी में सरकार बनाएंगे.

अखिलेश आगे कहते हैं कि "जो कानून देश की जनता में नफरत फैलाता है और समाज को तोड़ता हो, हम उसके खिलाफ हैं. हम नागरिकता संशोधन कानून सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ हमेशा रहेंगे "अखिलेश ने कहा कि असम राज्य जहां से एनआरसी की बात शुरू हुई, आज वहां लोग बहुत दुखी है और परेशान हैं. हम देश में किसी ऐसे कानून के पक्ष में नहीं है जो नफरत फैलाता हो. उन्होंने देश में जातीय जनगणना की मांग करते हुए कहा कि लोकसभा में कांग्रेस, भाजपा समेत सभी दलों ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर सहमति जताई थी.

लेकिन आज भाजपा भी कांग्रेस की राह पर है और अब वह जातिगत जनगणना नहीं करा रही. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दिन देश में जातिगत जनगणना हो जाएगी, उसी दिन हिंदू मुसलमान का मुद्दा खत्म हो जाएगा. अखिलेश ने कहा कि जाति हिंदुस्तान की सच्चाई है. जब जातियां हैं, तो उन्हें जनगणना कराने में क्या दिक्कत है. जातीय जनगणना हो जाने से सबको पता चल जाएगा कि किसकी कितनी संख्या है. जनसंख्या के आधार पर लोगों को हक को सम्मान मिलना चाहिए.

समाजवाद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर यादव ने कहा कि वह खुद अपना मजाक बनवा रहे हैं. लगता है उन्हें संविधान की समझ नहीं है. समाजवाद शब्द तो भारतीय संविधान का हिस्सा है. ऐसा कहकर योगी संविधान विरोधी काम कर रहे हैं. अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लिखी हुई पुस्तक को दिखाते हुए कहा कि अपने लिए सैफ रॉन सोशलिस्ट नाम की पुस्तक लिखवाते हैं. उन्हें बताना चाहिए कि सैफ रन सोशलिस्ट का मतलब क्या होता है. संवैधानिक पद पर बैठकर सोशलिज्म के खिलाफ बोलना संविधान विरोधी आचरण है. भाजपा के लोग इसी तरह अलोकतांत्रिक भाषा का प्रयोग करते हैं.



अखिलेश ने कहा कि "उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा के कुशासन से त्रस्त है. नौजवानों में लगातार बेरोजगारी बढ़ती जा रही है और किसान आत्महत्या कर रहा है. आज नौजवानों में रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है. उन्होंने कहा कि भाजपा हमारी सरकार के कार्यों को अपना बता रही है. इन्होंने 3 साल की सरकार में कोई कार्य नहीं किया है". विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी ने कहा कि "सीएए का कानून पूरी तरह से काला कानून है. हम इस कानून को किसी भी हाल में समाज को बांटने वाला कानून नहीं बनने देंगे. समाजवादी पार्टी के तमाम लोग एनपीआर का आने वाले दिनों में बहिष्कार करेंगे".

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First published: February 23, 2020, 4:44 PM IST
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