किसान आंदोलन पर 'सियासत', एक ओर मानाने में जुटी सरकार, तो विपक्ष ने दिया समर्थन

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सरकार ने किसानों से किया वादा पूरा नहीं किया. लिहाजा उनका विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है और समाजवादी पार्टी किसानों का समर्थन करती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 2, 2018, 3:37 PM IST
किसान आंदोलन पर 'सियासत', एक ओर मानाने में जुटी सरकार, तो विपक्ष ने दिया समर्थन
सपा मुखिया अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस
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Updated: October 2, 2018, 3:37 PM IST
अपने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत किसानों के समर्थन में विपक्षी पार्टियां भी खड़ी हो गई हैं. सोमवार को केंद्र सरकार के साथ वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार को किसान दिल्ली में घुसने को आमादा हैं. गाजियाबाद बॉर्डर पर सुरक्षा बालों के साथ किसानों की झड़प भी हो रही है. इस बीच हिंसक हुए किसान आंदोलन पर सियासत भी शुरू हो गई है. जहां एक ओर सरकार किसानों को मानाने में जुटी है, वहीं वहीं दूसरी तरफ विपक्ष किसानों के साथ खड़ा नजर आ रहा है.

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सरकार ने किसानों से किया वादा पूरा नहीं किया. लिहाजा उनका विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है और समाजवादी पार्टी किसानों का समर्थन करती है.

अखिलेश ने कहा, "फसल तैयार हो रही है., चीनी मिलें चलनी है और अभी तक पुराना भुगतान ही नहीं हुआ है. इसलिए स्वाभाविक है कि किसान सड़कों पर आया है. दिल्ली से मांग कर रहा है कि उनकी मांगें पूरी हो. डीजल कौन सस्ता करेगा? डीजल तो दिल्ली की सरकार सस्ता करेगी. चीनी पाकिस्तान से मंगाई जा रही है. आपकी चीनी की बाजार नहीं मिल रहा है. गन्ने का किसान अभी भी परेशान है. प्रधानमंत्री कहते हैं कि एमएसपी देकर रहेंगे. लेकिन अभी तक एमएसपी की कोई तयारी नहीं की गई है, धान के साथ तमाम फसलें तैयार हैं. किसी का एमएसपी तय नहीं किया गया है. अगर पिछले साढ़े चार साल का आंकड़ा निकाले तो करीब 50 हजार किसानों ने आत्महत्या की है. किसानों ने आत्महत्याएं वहीं की हैं जहां, बीजेपी की सरकार है."

वही राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह भी किसानों से मिलने के लिए गाजियाबाद रवाना हो चुके हैं. अजीत सिंह ने भी किसानों के प्रदर्शन का समर्थन किया है.

ये हैं किसानों की मांगें:


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    • स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू किया जाए.

    • आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों का पुनर्वास

    • किसानों की कर्ज माफ़ी

    • किसानों को बिजली मुफ्त में दी जाए.

    • किसानों की फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी

    • फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत से 50 प्रतिशत जोड़कर मिले

    • बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित अविलंब कराया जाए.

    • 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर लगी रोक हटाई जाए.

    • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सीधे किसानों को दिया जाए

    • किसानों की न्यूनतम आमदनी सुनिश्चित हो

    • आवारा पशु व जंगली जानवरों से सुरक्षा मिले


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First published: October 2, 2018, 2:12 PM IST
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