वंदे मातरम को लेकर नया नहीं है सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का ऐतराज, पहले भी कर चुके हैं बायकाट

दरअसल यह पहला मौका नहीं है जब संभल से सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क इस तरह के विवादों में पड़े हैं. इससे पहले 2013 में भी जब लोकसभा में वंदे मातरम गाया जा रहा था तो उस वक्त भी शफीकुर्रहमान बर्क सदन से बाहर चले गए थे.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 21, 2019, 2:57 PM IST
वंदे मातरम को लेकर नया नहीं है सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का ऐतराज, पहले भी कर चुके हैं बायकाट
संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क की फाइल फोटो
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Updated: June 21, 2019, 2:57 PM IST
17वीं लोकसभा के बजट सत्र के पहले और दूसरे दिन सभी निर्वाचित सांसदों को पद की शपथ दिलाई जा रही थी, उसी समय समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने यह बोलकर सदन में हंगामा मचा दिया कि वंदे मातरम इस्लाम के खिलाफ हैं. इसके बाद सपा नेता शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ सदन में जमकर नारेबाजी होने लगी और वंदे मातरम के नारे लगने लगे.

दरअसल यह पहला मौका नहीं है जब संभल से सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क इस तरह के विवादों में पड़े हैं. इससे पहले 2013 में भी जब लोकसभा में वंदे मातरम गाया जा रहा था तो उस वक्त भी शफीकुर्रहमान बर्क सदन से बाहर चले गए थे. उस समय भी उनकी जमकर आलोचना हुई थी.

कौन हैं शफीकुर्रहमान बर्क?

मूल रूप से दीपा सराय के रहने वाले डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क पहली बार वर्ष 1974 से 1977 तक विधायक रहे. इसके बाद वह वर्ष 1977 से 1980, वर्ष 1985 से 1989 और वर्ष 1989 से 1991 तक विधायक रहे. इसके बाद मुलायम सिंह यादव की सरकार में वह कैबिनेट मंत्री भी रहे.

पहली बार 1996 में सांसद बने

शफीकुर्रहमान बर्क 1996 में लोकसभा का चुनाव मुरादाबाद से जीते. वर्ष 1998 में वह दोबारा और 2004 में 14वीं लोकसभा में भी सांसद बने. वर्ष 2009 में उन्होंने संभल सीट से बसपा से चुनाव लड़ा और सांसद बन गए. यानी तीन बार सपा से और एक बार बसपा से वह सांसद हुए. 2014 के मोदी लहर में वे चुनाव हार गए. बावजूद इसके 2019 में अखिलेश यादव ने उन्हें मैदान में उतारा और वे जीतकर संसद पहुंचे.

इस बार उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने पर सपा में हुआ था विरोध
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गौरतलब है कि जब सपा-बसपा गठबंधन के बाद अखिलेश यादव ने बर्क को संभल से प्रत्याशी बनाया तो सपा में ही दो फाड़ देखने को मिला. सपा का एक गुट उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने के खिलाफ था, उन्होंने बर्क का विरोध करते हुए अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी.

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First published: June 21, 2019, 2:43 PM IST
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