Home /News /uttar-pradesh /

राजनीति में आने से पहले इस शख्स का मुंबई अंडरवर्ल्ड में हुआ करता था खौफ

राजनीति में आने से पहले इस शख्स का मुंबई अंडरवर्ल्ड में हुआ करता था खौफ

file photo

file photo

1980 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे सत्यपाल सिंह को पुलिस विभाग उस अधिकारी के तौर पर याद करता है जिसने 1990 के दशक में मुंबई में संगठित अपराध की कमर तोड़ कर रख दी थी.

    2014 के लोकसभा चुनाव से कुछ दिनों पहले सत्यपाल सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था, ' मेरी अतंरआत्मा मुझसे कह रही है कि अब प्रोफेशन बदलने का समय आ चुका है. एक अधिकारी के तौर पर मैंने मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों की सेवा की लेकिन अब समय आ चुका है कि नई ऊर्जा के साथ पूरे देश के लोगों की सेवा की जाए.'

    फिर लोकसभा चुनाव में सत्यपाल सिंह बीजेपी के टिकट पर बागपत से चुनाव मैदान में उतरे. सत्यपाल सिंह के सामने उस चुनाव में पश्चिमी यूपी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे अजित सिंह थे. लेकिन सत्यपाल सिंह ने अच्छे-खासे अंतर से जीत-हासिल की. ये बीजेपी की बागपत से पहली जीत थी.

    अजित सिंह


    29 नवंबर 1955 को बागपत के बसौली गांव में राम किशन और हुकुमवती के घर जन्मे सत्यपाल सिंह ने केमिस्ट्री में एमएससी करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से इसी विषय में एम. फिल भी की. बाद में उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से नक्सवाद में पीएचडी भी की.

    1980 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे सत्यपाल सिंह को पुलिस विभाग उस अधिकारी के तौर पर याद करता है जिसने 1990 के दशक में मुंबई में संगठित अपराध की कमर तोड़ कर रख दी थी. उस समय मुंबई पर राज कर रहे छोटा राजन, छोटा शकील और अरुण गवली गैंग के खिलाफ उन्होंने मुहिम चलाकर कार्रवाई की. उस समय वो मुंबई के ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ क्राइम थे. ये वो दौर था जब मुंबई पुलिस के कई अधिकारी सत्यपाल सिंह की अगुवाई में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर उभरे, इनमें दया नायक, प्रदीप शर्मा और विजय सालस्कर के नाम प्रमुख हैं.

    बाद में वो बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े और अजित सिंह को पटखनी देकर लोकसभा पहुंचे फिर मंत्री भी बने. मंत्री रहने के दौरान सत्यपाल सिंह के एक बयान पर काफी विवाद हुआ था. उन्होंने चार्ल्स डार्विन के सिद्धांत को चुनौती देते हुए कहा था कि मैं नहीं मानता कि इंसानों के पूर्वज बंदर थे. अगर ऐसा है तो अब भी बंदरों की प्रजाति क्यों बची हुई है? इसे लेकर मीडिया में काफी सुर्खियां बनी थीं.

    बागपत में एक चुनावी रैली को संबोधित करते जयंत चौधरी


    अब सत्यपाल सिंह एक बार फिर बागपत के चुनावी मैदान में हैं. उनके सामने इस बार अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी हैं. देखना है कि पांच साल बाद दोबारा जनता के बीच वोट मांगने पहुंचे सत्यपाल सिंह को कैसा पब्लिक रिस्पॉन्स मिलता है?

    यह भी पढ़ें: प्रियंका गांधी ने अपने बच्चों रेहान और मिराया के साथ ली सेल्फी, वायरल हुई तस्वीरें

    यह भी पढ़ें: अमेठी: राहुल के नामांकन में जेबकतरों की चांदी, कांग्रेस के संजय सिंह का मोबाइल भी चोरी

    यह भी पढ़ें: ANALYSIS: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गाय और गन्ना बिगाड़ेंगे बीजेपी का खेल?

    आपके शहर से (लखनऊ)

    Tags: Baghpat S24p11, Lok Sabha Election 2019, Satyapal singh

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर