Unlock 4: यूपी में सोमवार से नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज, सरकार ने कही ये बात

 केंद्र सरकार ने 9वीं से 12वीं क्लास तक के बच्चों के लिए 21 सितंबर से स्कूल-कॉलेज खोलने की अनुमति दी थी.
केंद्र सरकार ने 9वीं से 12वीं क्लास तक के बच्चों के लिए 21 सितंबर से स्कूल-कॉलेज खोलने की अनुमति दी थी.

केंद्र सरकार की अनलॉक 4 (Unlock 4.0) की गाइडलाइंस के मुताबिक, 21 सितंबर से स्‍कूल और कॉलेज खोलने की छूट दी गई है, लेकिन यूपी सरकार ने फिलहाल इस फैसले को टाल दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 12:04 AM IST
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लखनऊ. केंद्र सरकार की तरफ से जारी अनलॉक 4 (Unlock 4.0) की गाइडलाइंस के तहत 21 सितंबर से स्कूल और कॉलेज को खोलने की छूट दी गई है, लेकिन उत्‍तर प्रदेश में आज यानी 21 सितंबर से स्कूल (School) नहीं खुलेंगे. इस बारे में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए फिलहाल स्कूल खोलना संभव नहीं है. इसलिए इसे बंद रखने का ही फैसला किया गया है.

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने अनलॉक 4 में 9वीं से 12वीं क्लास तक के बच्चों के लिए 21 सितंबर से स्कूल-कॉलेज खोलने की अनुमति दी थी. जबकि कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों की वजह से यूपी सरकार ने रोक लगा दी है. वहीं, कोरोना वायरस के चलते गत 16 मार्च को स्कूल और कॉलेज (Schools and Colleges) समेत देशभर के शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए थे.

केंद्र सरकार ने कही थी ये बात
दरअसल, केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से स्कूल खोलने को लेकर स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर यानी एसओपी जारी की थी. इसके तहत सिर्फ 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स ही स्कूल जाकर पढ़ाई कर करने की बात कही गई थी. इसके अलावा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए छात्र-छात्राओं को तय किए गए सभी नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करने की शर्त थी. यही नहीं, केंद्र सरकार ने कहा था कि स्कूलों में एक बार में 50 प्रतिशत टीचर्स व नॉन टीचिंग स्टाफ को बुलाया जा सकता. जिन स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने की व्यवस्था है, वहां स्टूडेंट्स की हाजिरी के लिए अन्य कोई व्यवस्था करनी होगी. अगर स्कूल छात्रों के लिए वाहन की व्यवस्था करा रहा होगा तो उसे प्रतिदिन नियमित रूप से सैनिटाइज करना होगा.
बरती जाए पूरी एहतियात


कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की दिशा में स्कूलों को भी एहतियात बरतनी होगी. स्कूलों में थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की उपलब्धता होनी जरूरी है. स्कूल में प्रवेश देने से पहले छात्रों समेत पूरे स्टाफ की थर्मल स्कैनिंग करनी होगी. इसके अलावा उनके हाथ भी सैनिटाइज करने होंगे. टीचर्स व अन्य स्टाफ को फेस मास्क और हैंड सैनिटाइजर स्कूल की ओर से मुहैया कराए जाएंगे. रोजाना स्कूल खुलने से पहले पूरा परिसर, सभी कक्षाएं, प्रैक्टिकल लैब और बाथरूम सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन से सैनिटाइज कराए जाएंगे.

कुछ ऐसे हैं नियम
>>कंटेनमेंट जोन के छात्र, शिक्षक व अन्य स्कूल स्टाफ के स्कूल आने पर पाबंदी.
>>बुजुर्ग, बीमार व गर्भवती महिला स्कूल से दूर रहेंगे.
>>थर्मल स्कैनिंग में अगर किसी पर कोरोना पॉजिटिव होने का संदेह होता है तो उसे आइसोलेट किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग व पेरेंट्स को इस बारे में सूचित कर दिया जाएगा.
>>बंद कमरों की जगह कक्षाएं खुले में ली जा सकती हैं.
>>शिक्षकों, स्टूडेंट्स व स्कूल के अन्य स्टाफ के बीच कम से कम 6 फुट की दूरी रखनी होगी.
>>जमीन पर छह-छह फुट की दूरी पर मार्किंग होगी.
>>हर कक्षा की पढ़ाई के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया जाएगा.
>>स्टूडेंट्स कॉपी, किताब, पेंसिल, पेन, वॉटर बोतल जैसी चीजें आपस में शेयर नहीं कर सकेंगे.
>>स्टूडेंट्स, टीचर्स व अन्य स्टाफ को लगातार हाथ धोने होंगे. साथ ही फेस मास्क पहनना होगा.
>>स्कूलों में मॉर्निंग प्रेयर की अनुमति नहीं होगी.
>>जो छात्र स्कूल नहीं आएंगे, उनके लिए ऑनलाइन क्लासेज जारी रहेंगी.
>>स्कूल की कैंटीन बंद रखी जाएगी.
>>प्रैक्टिकल लैब के अंदर छात्रों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए कम संख्या में बैच बनाए जाएंगे. लैब के अंदर हर छात्र के लिए 4 वर्गमीटर का गोला खींचा जाएगा.
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