UP: 19 अक्टूबर से बदल जाएगा स्कूलों में पढ़ाई का तरीका, अब ऐसे चलेगी क्लास

उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा
उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा

UP School to be Unlocked: उपमुख्‍यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा (Dinesh Sharma) ने शनिवार को बताया कि पहले चरण में नौ से 12वीं कक्षाओं तक के स्‍कूल 19 अक्‍टूबर से खुलेंगे. उनके अनुसार विद्यालय दो पालियों में संचालित किये जाएंगे

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2020, 8:11 AM IST
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लखनऊ. कोरोना महामारी (COVID-19) की वजह से पूरी दुनिया ही बदल गई है. रोजमर्रा की जिंदगी में रहन-सहन से लेकर पढ़ाई और नौकरी का तरीका भी बदल गया है. हालांकि लॉकडाउन (Lockdown) के बाद जारी अनलॉक (Unlock) प्रक्रिया के तहत करीब आठ माह बाद यूपी में स्कूल (Schools) खुलने जा रहे हैं. लेकिन सब कुछ पहले जैसा नहीं होगा. 19 अक्टूबर से जब 9वीं से लेकर 12वीं तक के स्कूल खुलेंगे तो सब कुछ बदला-बदला सा रहेगा. अब जहां दो पालियों में स्कूलों को खोला जाएगा, वहीं कम अटेंडेंस का असर भी छात्रों के रिजल्ट पर नहीं पड़ेगा. इतना ही नहीं अब अभिभावक यह तय कर सकेंगे कि वे अपने बच्चे को स्कूल भेजकर पढाएं या फिर ऑनलाइन. कहने का मतलब यह है कि स्कूल खुलने के बाद अब छात्रों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावक की सहमति जरुरी होगी. साथ ही ऑनलाइन क्लासेज भी चलती रहेंगी.

इतना ही नहीं पहले जहां छात्र एक साथ बैठकर पढ़ाई करते थे, वे अब 6 फीट की दूरी पर बैठेंगे. सभी छात्रों को एक साथ स्कूल नहीं बुलाया जाएगा. पहले दिन 50 फ़ीसदी छात्र आएंगे. बाकी के 50 फ़ीसदी दूसरे दिन. छुट्टी के वक्त एक साथ छात्र बाहर नहीं निकल सकेंगे. उन्हें एक-एक कर छोड़ा जाएगा. पहले की तरह कुछ भी नहीं होगा.

दो पालियों में चलेंगी कक्षाएं



उपमुख्‍यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा (Dinesh Sharma) ने शनिवार को बताया कि पहले चरण में नौ से 12वीं कक्षाओं तक के स्‍कूल 19 अक्‍टूबर से खुलेंगे. उनके अनुसार विद्यालय दो पालियों में संचालित किये जाएंगे, जिसके तहत पहली पाली में कक्षा नौ और दस तथा द्वितीय पाली में कक्षा-11 और 12 के विद्यार्थियों की पढ़ाई होगी. शर्मा ने कहा कि सुरक्षित दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करते हुए छात्र-छात्राओं के स्‍वास्‍थ्‍य का ध्‍यान रखना होगा.
उपमुख्‍यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को उनके माता-पिता और अभिभावकों की लिखित सहमति के बाद ही पठन-पाठन के लिए बुलाया जाए, क्योंकि बच्‍चों का भविष्‍य और स्‍वास्‍थ्‍य दोनों महत्‍वपूर्ण हैं. उल्लेखनीय है कि 19 अक्‍टूबर से स्‍कूल खोले जाने के संदर्भ में अपर मुख्‍य सचिव (माध्‍यमिक शिक्षा) आराधना शुक्‍ला द्वारा शासनादेश भी जारी कर दिया गया है. इस संबंध में स्कूल खोलने से पूर्व स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं अन्य सुरक्षा प्रोटोकाल हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दिया गया है, जो विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है. आराधना शुक्ला ने समस्त मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों को यह निर्देश दिया है कि शासनादेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाय तथा वे स्वयं भी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें.

उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय
उपमुख्‍यमंत्री ने बताया कि शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डों के विद्यालयों के कक्षा 9,10,11 एवं 12 में 19 अक्टूबर से पठन-पाठन भौतिक रूप से पुनःप्रारंभ किये जायेंगे, परन्तु विद्यालय खोले जाने की अनुमति कुछ शर्तों के अधीन प्रदान की गई हैं. उन्होंने कहा कि विद्यालय खोले जाने से पूर्व विद्यालयों का पूरी तरह से संक्रमणरोधन किया जाए तथा यह प्रक्रिया प्रतिदिन प्रत्येक पाली के उपरान्त नियमित रूप से भी सुनिश्चित की जाय. शर्मा के अनुसार विद्यालयों में सेनेटाइजर, हैंडवाश, थर्मलस्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय तथा यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक या अन्य कार्मिक को खांसी, जुखाम या बुखार के लक्षण हों तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाय. उन्होंने कहा कि एक साथ सभी विद्यार्थियों की छुट्टी न की जाय तथा विद्यालय में यदि एक से अधिक प्रवेश द्वार हैं तो उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाय.

दिनेश शर्मा ने निर्देश दिया कि यदि विद्यार्थी स्कूल बसों अथवा विद्यालय से सम्बद्ध सार्वजनिक सेवा वाहन से विद्यालय आते हैं तो वाहनों को प्रतिदिन सेनेटाइज कराया जाये तथा बैठने की व्यवस्था में सुरक्षित दूरी का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय. उनके अनुसार सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा विद्यालय के अन्य कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा. विद्यालय प्रबन्धन द्वारा अतिरिक्त मात्रा में मास्क उपलब्ध रखे जाये. विद्यार्थियों को छह फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ऑनलाइन पठन-पाठन की व्यवस्था यथावत जारी रखी जाये तथा इसे प्रोत्साहित किया जाये. जिन विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन पठन-पाठन की सुविधा उपलब्ध नहीं है,उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय बुलाया जाय. यदि कोई विद्यार्थी आनलाइन अध्ययन करना चाहता है तो उसे सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए. शर्मा ने हिदायत दी है कि एक दिवस में प्रत्येक कक्षा के अधिकतम 50 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को ही बुलाया जाय. शेष 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को अगले दिन बुलाया जाय.
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