UP: कोरोना काल की 12 घटनाएं जब मानवता की मिसाल बने पुलिसकर्मी, देखिए VIDEO

लखनऊ में पत्रकार के शव को लेने जब कोई नहीं आया तो पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा दिया .

लखनऊ में पत्रकार के शव को लेने जब कोई नहीं आया तो पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा दिया .

Lucknow News: यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल की तरफ से एक वीडियो पेश किया गया. इसमें ऐसे पुलिसकर्मियों 'एंजल्स इन खाकी' (Angels in Khaki) का दर्जा दिया गया है और सैल्यूट किया गया है.

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लखनऊ. एक तरफ पूरा देश कोरोना संक्रमण (COVID-19) से जूझ रहा है. उत्तर प्रदेश के भी हालात अच्छे नहीं है. रोज तमाम लोगों के संक्रमित और कई की जान चली जाने की खबरें आ रही हैं. ऐसे माहौल में लोग इतने भयभीत हैं कि अपनों की ही मौत के बाद अर्थी को कंधा देने में हिचक रहे हैं. ऐसे दौर में जब कोई खुद किसी बेगाने के लिए आगे आए और शव का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराए तो उसे आप क्या कहेंगे? उत्तर प्रदेश पुलिस में ऐसे ही कई पुलिसकर्मी हैं, जो ड्यूटी से आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं. यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल की तरफ से एक वीडियो पेश कर ऐसे पुलिसकर्मियों 'एंजल्स इन खाकी' (Angels in Khaki) का दर्जा दिया गया है और सैल्यूट किया गया है. वीडियो में पूरे प्रदेश से 12 प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया गया है.

वीडियो में लिखा है कि कोरोना त्रासदी ने कई जिंदगियों को नष्ट करने के साथ ही इंसानियत को भी अपनी चपेट में ले लिया है. कई जनपदों में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर परिजनों और पड़ोसियों ने साथ छोड़ दिया. इस पर पुलिसवालों ने अपने कर्तव्यों से परे जाकर फरिश्ते का काम किया है.

यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल ने पोस्ट किया वीडियो


कहीं थाना प्रभारी तो कहीं कांस्टेबल दिखा रहे जज्बा

लखनऊ में एक पत्रकार के आकस्मिक निधन के बाद उसके परिवारवालों, शुभचिंतकों और अन्य द्वारा अंतिम संस्कार में आने से स्पष्ट मना कर दिया गया. इस पर गोमतीनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक ने अपने पुलिसकर्मियों द्वारा पूरे विधि विधान से शव अंतिम संस्कार कराया.

इसी तरह लखनऊ के बाजारखाला थाना क्षेत्र में 24 अप्रैल को एक ठेले वाले की मृत्यु हो गई. परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, इस पर बाजारखाला थाना प्रभारी ने शव को श्मशान ले जाने के लिए वाहन का इंतजाम कराया और अंतिम संस्कार के लिए अपने पास से परिवार की आर्थिक सहायता भी की.



थाना तालकटोरा क्षेत्र में एक पुजारी की मृत्यु हो गई. परिवार में कोई पुरुष नहीं था. पत्नी और बेटी दोनों ही मानसिक रूप से विक्षिप्त थीं. पड़ोसी भी कोरोना के डर से किसी तरह परिवार की मदद नहीं कर रहे थे. पुलिस को जब सूचना मिली तो पार्थिव शरीर का विधि विधान से दाह संस्कार कराया.

इसी तरह लखनऊ के रविंद्रपल्ली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की मृत्यु हो गई. उनका बेटा कनाडा और बेटी राजस्थान में रहती है. पुलिस ने खुद आगे बढ़कर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कराया और बुजुर्ग की पत्नी के खाने-पीने आदि की व्यवस्था भी की.

गोरखपुर में एक महिला की मृत्यु होने पर उन्हें श्मशान घाट तक ले जाने के लिए कोई व्यक्ति आगे नहीं आया. ये जानकारी ट्वीट के माध्यम से जब पुलिस को मिली तो एसपी सटी ने नगर आयुक्त और प्रभारी प्रवर्तन दल के सहयोग शव को एंबुलेंस से श्मशान घाट पहुंचाया और उनका दाह संस्कार कराया. साथ ही घर को सैनेटाइज करवाया.

25 अप्रैल को अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए एक व्यक्ति ने बिजनौर पुलिस से गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने शव का दाह संस्कार करवाया.

जौनपुर में एक बुजुर्ग को अकेले ही पत्नी का शव साइकिल पर लेकर चलना पड़ा, क्योंकि गांव वालों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था. मामले में पुलिस ने शव को साइकिल से उतारकर विधि विधान से दाह संस्कार कराया.

मुरादाबाद में एक व्यक्ति की कोरोना से मौत के बाद उसकी अर्थी को कंधा देने के लिए चौथा शख्स नहीं मिला रहा था. बावजूद इसके लिए मौके पर भीड़ उपस्थित थी. ऐसे में एक सिपाही ने खुद आगे बढ़कर कंधा दिया.

नोएडा में एक व्यक्ति की मौत के बाद कई घंटे शव लोगों के इंतजार में पड़ा रहा. आखिरकार सेक्टर 19 पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा श्मशान पहुंचाया और चिता के लिए लकड़ियों की भी व्यवस्था की.

कानपुर नगर कमिश्नरेट में 29 अप्रैल को एक व्यक्ति की मौत के बाद कोई आगे नही आ रहा था, यहां बारा थाने के चौकी प्रभारी ने नगर निगम से शव वाहन बुलवाया और अंतिम संस्कार करवाया.

एटा के गांव सिंहपुर में जब कोविड संक्रमित युवक की मौत के बाद परिजनों ने शव तक लेने से इंकार कर दिया तो बागवाला थाना प्रभारी ने अंतिम संस्कार करवाया. कुछ ऐसा ही जालौन में भी हुआ. यहां 16 अप्रैल को प्रभारी निरीक्षक कोतवली ने मृतक का अंतिम संस्कार कराया.

मैनपुरी और बदायूं में भी व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए जब कोई नहीं आया तो पुलिस ने ही कधा दिया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया.

Angels in Khaki

वीडियो में ऐसे तमाम पुलिसकर्मियों को सैल्यूट किया गया है. उन्हें एंजेल्स इन खाकी का दर्जा दिया गया है. ये सम्मान पाने वाले पुलिसकर्मियों के नाम इस प्रकार हैं.

बिजनौर

अरुण कुमार त्यागी- प्रभारी निरीक्षक

कांस्टेबल- राहुल गौतम, अमित चौधरी,

कांस्टेबल ड्राइवर- पंकज शर्मा

मुरादाबाद

कांस्टेबल अरुण कुमार, थाना मुगलपुरा

जौनपुर

मुन्ना राम धुसिया- प्रभारी निरीक्षक, मडियाहूं

हेड कांस्टेबल- कृष्ण मुरारी, संजय यादव, सुधीर दुबे

कांस्टेबल- प्रवीण मिश्रा, राज कुमार यादव

नोएडा

एसआई हरि सिंह

लखनऊ

धनंजय सिंह- प्रभारी निरीक्षक, बाजार खाला

कांस्टेबल (थाना तालकटोरा)- अखिलेश यादव, चंद्रमुरारी झा

थाना गोमतीनगर- एसआई दयाराम साहनी, अरुण यादव, राजेंद्र बाबू, प्रशांत सिंह

एटा

थाना प्रभारी रामकेश सिंह राजपूत

मैनपुरी

सीओ सिटी अभय नारायण राय

हेड कांस्टेबल- सत्यप्रकाश

कांस्टेबल/गनर- वीरेंद्र सिंह

जालौन

प्रभारी निरीक्षक कोतवाली- उदयभान गौतम

कांस्टेबल जितेंद्र यादव

गोरखपुर

एसएचओ कल्याण सिंह नागर

कांस्टेबल अशोक सिंह

एचसी अजय कुमार सिंह

बदायूं

प्रभारी निरीक्षक राजीव शर्मा

कांस्टेबल- राहुल कुमार
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