हजारों साल बाद सीता को अयोध्या में उचित स्थान दिलाएं CM योगी: कांग्रेस नेता कर्ण सिंह

हालांकि डॉ. कर्ण सिंह ने अपने पत्र के माध्यम से यह सुझाव दिया है ,लेकिन इसे कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व की दांव के तौर पर भी देखा जा रहा है. उन्होंने मांग की है कि राम और सीता दोनों की युगल प्रतिमा बनाई जाए. इससे हजारों साल बाद तो सीता को अयोध्या में अपना उचित स्थान मिल जाएगा.

Shivani Sharma | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 13, 2018, 6:34 PM IST
हजारों साल बाद सीता को अयोध्या में उचित स्थान दिलाएं CM योगी: कांग्रेस नेता कर्ण सिंह
डॉ कर्ण सिंह की फाइल फोटो
Shivani Sharma | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 13, 2018, 6:34 PM IST
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. कर्ण सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अयोध्या में राम की प्रतिमा के साथ सीता की मूर्ति भी लगाने का अनुरोध किया है. डॉ कर्ण सिंह ने अपने पत्र के माध्यम से यह सुझाव दिया है.

कर्ण सिंह ने आगे लिखा है कि अगर अयोध्या में श्री राम की भव्य मूर्ति बनाने का निर्णय ले ही लिया है तो मेरा सुझाव है कि उसकी ऊंचाई आधा करके राम और सीता दोनों की युगल प्रतिमा बनाई जाए. इसके जरिए कम से कम हजारों साल बाद तो सीता को अयोध्या में अपना उचित स्थान मिल जाएगा.

इसे कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व के दांव के तौर पर भी देखा जा रहा है. बुधवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनकपुर में राम-सीता विवाह के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जिसके बाद कर्ण सिंह का यह पत्र सामने आया है.

पत्र में कर्ण सिंह ने कहा है कि भले ही राम की प्रतिमा की ऊंचाई घटा दी जाए लेकिन उनकी प्रतिमा के साथ माता सीता की भी मूर्ति लगाई जानी चाहिए क्योंकि भगवान श्रीराम से ज्यादा कष्ट माता सीता ने झेला है. साथ ही वह अयोध्या की बहू रहीं. वनवास के दौरान रावण ने उनका अपहरण किया. लंका विजय के बाद उन्हें अग्नि परीक्षा देनी पड़ी. अयोध्या की महारानी बनने के बाद गर्भावस्था में उन्हें फिर से वनवास जाना पड़ा. लिहाजा अब भगवान श्रीराम के साथ सीता की प्रतिमा भी लगनी चाहिए.

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पत्र में डॉ. कर्ण सिंह ने लिखा है, 'पिछले दिनों मुझे सिमरिया जाने का मौका मिला जहां मुरारी बापू की कथा चल रही थो. इस दौरान मैंने जो भाषण दिया उसे ही पत्र में लिख रहा हूं. राजा जनक की भूमि मिथिला सीता माता की भूमि मानी जाती है.

उनका विवाह श्रीराम के साथ संपन्न हुआ, लेकिन नियति देखिए सीता अयोध्या बहू बनकर गईं लेकिन कुछ ही दिन बाद राम के साथ उन्हें वनवास जाना पड़ा, जहां उनका अपहरण हुआ. वह बंदी बनकर रहीं, युद्ध हुआ और अग्नि परीक्षा के बाद फिर अयोध्या की महारानी बनकर पहुंची. लेकिन गर्भवती होने के बाद भी उन्हें फिर एक बार वनवास झेलना पड़ा.'

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First published: December 13, 2018, 4:00 PM IST
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