'इतिहास में कांग्रेस को देश बनाने और बीजेपी को बेचने के लिये किया जाएगा याद'

लखनऊ में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस की व्याख्यानमाला में बोलते वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी

लखनऊ में ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस की व्याख्यानमाला में बोलते वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी

Lucknow: ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस की बजट पर व्याख्यानमाला में वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला किया. उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि इतिहास में कांग्रेस देश को बनाने के लिये याद किया जायेगा. न कि देश को बेचने वाले के रूप में याद किया जायेगा.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर बुधवार को ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस द्वारा देश-प्रदेश के बजट और बेरोजगारी के मुद्दे पर एक व्याख्यान माला का आयोजन किया गया. इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और आँल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस से जुडे शहर के जाने-माने अर्थशास्त्रियों, नौकरशाहों और प्रतिष्ठित व्यापारियों समेत करीब 50 से अधिक प्रबुद्धजनों नें शिरकत कर अपनी बात रखी.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि मौजूदा सरकार जुमेलबाजी की सरकार है. जिसने घाटे का बजट पेश कर बेराजगारी की समस्या को नजरअंदाज किया है. बजट के प्रावधानों में रोजगार सृजन की उपेक्षा की गई है. देश-प्रदेश के हित में वही बजट अच्छा होगा, जहां आर्थिक वृद्धि के साथ रोजगार सृजन भी हो. नई सरकार ने चीजों को मापने के लिए मानक तंत्र को बदल दिया है. लेकिन पिछले 47 वर्षो में देश में आज से बड़ी बेरोजगारी नहीं हुई है. अब सरकार ने रोजगार का डाटा देना भी बंद कर दिया है. आज सरकार उन किसानों की भी देखभाल नही कर पा रही, जो अन्नदाता है, भोजन प्रदान करते हैं.

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कांग्रेस शासनकाल में बनी राष्ट्रीय संपत्ति बीजेपी बेच रही
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने देश-प्रदेश की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि ‘मुझे गर्व है कि कांग्रेस को इतिहास में देश को बनाने के लिये याद किया जायेगा. न कि देश को बेचने वाले के रूप में याद किया जायेगा. कांग्रेस के शासनकाल में जो भी राष्ट्रीय संपत्ति बनी है. उसे आज बीजेपी बेच रही है. एक दिन आएगा जब हर चीज बिक जाएगी फिर क्या होगा? हमें आज के लोगों के बारे में सोचना होगा. हमें देश को बचाना होगा. देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. मुझे याद है कि जब हम सत्ता में थे और मूल्य वृद्धि के लिए पेट्रोल और गैस पर हमला किया गया था. तब एलपीजी की कीमतें 300 रुपये के आसपास थीं, आज यह 800 रुपये को पार कर गई हैं. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढोत्तरी हो रही है.

मौजूदा दौर में आर्थिक वृद्धि की दर नकारात्मक होती गई

इस दौरान अर्थशास्त्री प्रोफेसर अरविंद मोहन ने भी इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत ने आजादी के आर्थिक वृद्धि के संदर्भ में बहुत प्रगति की है. विशेष रूप से 20वीं सदी के पहले दशक में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है. भारत की आर्थिक प्रगति अन्य देशों के लिए एक उदाहरण रही है. लेकिन मौजूदा दौर में आर्थिक वृद्धि की दर नकारात्मक होती गई. जिसके कई कारण हैं. भारत के मौजूदा आर्थिक संकट को दूर करने के लिये आर्थिक सुधार के दूसरे-तीसरे चरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जब तक संस्थागत विकास और अन्य संस्थाओं के साथ में आकर कार्य करना संभव नहीं होगा. तब तक आर्थिक वृद्धि के कोई मायने नहीं होंगे. सभी राजनैतिक दलों को इन चीजों से ऊपर उठकर अर्थव्यवस्था में सुधार के लिये एक बड़े स्तरों पर कार्यक्रमों की पहल करनी होगी.
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