UP SERO Survey: धीमी पड़ी कोरोना की रफ्तार, यूपी में आज से 'सीरो सर्वे' का काम शुरू

उत्तर प्रदेश में आज से सीरो सर्वे शुरू हो रहा है. (Photo: सांकेतिक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश में आज से सीरो सर्वे शुरू हो रहा है. (Photo: सांकेतिक तस्वीर)

Sero Survey To Detect Antibodies, Herd Immunity: लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि राजधानी में 3 दिनों यानी 4,5 और 6 जून तक सीरो सर्वे चलेगा. लखनऊ में कुल 1434 लोगों के नमूने लिए जाएंगे.

  • Share this:

लखनऊ. कोरोना (COVID-19) की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद उत्तर प्रदेश में आज शुक्रवार (4 जून) से 'सीरो सर्वे' (Sero Survey) का काम शुरू किया जाएगा. सर्वे से इस बात का पता लगाया जाएगा कि कितनी आबादी कोरोना संक्रमित हुई है? कितने फीसदी लोगों में कोरोना के प्रति हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity) विकसित हुई है? सीरो सर्वे में चुने गए लोगों के खून का सैंपल लिया जाएगा और उसे जांच के लिए भेजा जाएगा. लखनऊ में सीरो सर्वे के नमूनों का सैंपल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) जांच के लिए भेजा जाएगा. इस सर्वे में लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडीज (Antibodies) की मौजूदगी का पता लगाया जाता है.

कोरोना की पहली लहर यानि 2020 में भी सितंबर महीने में 11 जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने सीरो सर्वे कराया था. यह सर्वे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, प्रयागराज, गाजियाबाद, मेरठ, कौशांबी, बागपत व मुरादाबाद में कराया गया था. उस वक़्त 11 जिलों में सीरो सर्वे में 22.1 फीसदी लोगों में एंटीबॉडीज पाई गई थी.

लखनऊ में 3 दिन चलेगा सर्वे

लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय भटनागर के अनुसार राजधानी में 3 दिनों तक सीरो सर्वे चलेगा. सीरो सर्वे 4, 5 और 6 जून तक चलेगा. लखनऊ में कुल 1434 लोगों के नमूने लिए जाएंगे. लखनऊ में अभी तक 2,38,765 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं. कोरोना के सामुदायिक संक्रमण का भी पता लगाने के लिए सीरो सर्वे कराया जा रहा है. सीएमओ डॉ. संजय भटनागर के मुताबिक तीन दिनों तक सीरो सर्वे के लिए नमूने लिए जाएंगे. 1434 लोगों के नमूने लिए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग ने जांच के दायरे में आने वालों के लिए नियम-कानून भेजे हैं. उसी के तहत नमूने लिए जाएंगे.
कैसे होगा सर्वे

सर्वे में सभी उम्र के लोगों को शामिल किया गया है. युवा, बुजुर्ग, महिलाओं के साथ मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के खून के नमूने भी लिए जाएंगे. केजीएमयू (KGMU) में नमूनों की जांच कर रिपोर्ट तैयार होगी. पिछले साल लिए गए नमूनों की तरह ही केजीएमयू से आने वाली तमाम रिपोर्टों को स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को भेजा जाएगा. जिसके बाद सरकार को तय करना होगा कि आखिर कोरोना की दूसरी लहर में लोगों के बीच में कितनी हार्ड इम्युनिटी पैदा हुई है? साथ ही कोरोना से लड़ने के लिए कितनी क्षमता विकसित हुई है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज