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आगरा: ताजनगरी में चूहों ने मकानों की बुनियाद कर दी खोखली, लोगों की जान पर मंडराया खतरा 

आगरा: ताजनगरी में चूहों ने मकानों की बुनियाद कर दी खोखली, लोगों की जान पर मंडराया खतरा 

Agra News: कोरियाई मोहल्ला सिंघी गली में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है. ये लोग नए सिरे से मकान नहीं बनवा सकते .ऐसे में इन लोगों के ऊपर सर ढकने के लिए छत तक नहीं है. बरसात का मौसम चल रहा है. कई मकान ऊपर से ढह चुके हैं. बरसात का पानी घरों में आता है. इन मकानों में रहने वाले लोगों ने अधिकारियों से कई बार शिकायत भी की है. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. ऐसे में उन लोगों ने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है.

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रिपोर्ट:हरिकांत शर्मा
आगरा: तस्वीरों में आप जिन मकानों को जर्जर और कभी भी जमींदोज की हालत में देख रहे हैं, इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि चूहे हैं. दरअसल, मामला कोरियाई मोहल्ला सिंघी गली का है. यहां बड़ी तादाद में चूहों का आतंक है. चूहों ने यहां के मकानों की बुनियादों को अंदर ही अंदर खोखला कर दिया है. अब ये मकान इतने जर्जर और कभी भी जमींदोज होने की कगार पर हैं. ऐसे में इन मकानों में रहने वाले लोगों को डर सता रहा है कि बारिश के मौसम में कभी भी किसी का भी मकान ताश के पत्तों की तरह ढह सकता है.

बल्लियों के सहारे गलियों के आशियाने
कोरियाई गली सिंघी मुहल्ला निवासी कमला देवी NEWS18 LOCAL से बात करते हुए काफी भावुक हो गईं. हालांकि खुद को संभालते हुए बोलीं कि यहां आस-पास की जमीन के अंदर काफी संख्या में चूहे रहते हैं. यही कारण है कि मकान अंदर से खोखले हो गए हैं. इसको लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की. लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई. गली में 5 से 6 ऐसे मकान हैं जो पूरी तरह से जर्जर हालत में है. चूहों ने अंदर ही अंदर मकानों को खोखला कर दिया है. लकड़ियों की बल्लियां लगाकर मकानों को गिरने से बचा रहे है. लेकिन यह ज्यादा समय तक चलने वाली नहीं हैं. कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

प्रशासन से मदद की गुहार
कोरियाई मोहल्ला सिंघी गली में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है. ये लोग नए सिरे से मकान नहीं बनवा सकते .ऐसे में इन लोगों के ऊपर सर ढकने के लिए छत तक नहीं है. बरसात का मौसम चल रहा है. कई मकान ऊपर से ढह चुके हैं. बरसात का पानी घरों में आता है. इन मकानों में रहने वाले लोगों ने अधिकारियों से कई बार शिकायत भी की है. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. ऐसे में उन लोगों ने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है.

रिश्तेदारों और पड़ोसियों के घर रहने को मजबूर
जो 6 मकान जर्जर हालत में हैं.उनमें रहने वाले लोगों को यह डर सता रहा है कि कहीं बरसात के दिनों में कोई बड़ा हादसा ना हो जाए. उन्होंने अपने मकानों को लकड़ी की बल्लियों पर टिका रखा है. मकान में रहने वाली सरिता देवी ने कहा है कि उनके बच्चे छोटे-छोटे हैं. आर्थिक स्थिति बेहद खराब है. नए सिरे से मकान बनवा नहीं सकते हैं. अब ये लोग अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के घरों में रुकने को मजबूर हैं.

Tags: Agra news, Uttar pradesh news

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