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लखनऊ: SGPGI के निदेशक का ऐलान- मरीजों को अब बेड के लिए नहीं करना होगा इंतजार

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 15, 2020, 11:40 AM IST
लखनऊ: SGPGI के निदेशक का ऐलान- मरीजों को अब बेड के लिए नहीं करना होगा इंतजार
एसजीपीजीआई के नए निदेशक प्रोफेसर आरके धीमान

एसजीपीजीआई (SGPGI) नए निदेशक प्रोफेसर आरके धीमान ने कहा कि गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 2 से 3 महीने के अंदर ही इमरजेंसी में 20 से 30 बेड बढ़ाएंगे, जिससे अन्य मरीज भी अपना इलाज कराने में असुविधा न हो सके. वहीं इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के 210 नए बेड को 2021 तक शुरू हो जाएंगे.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) के नए निदेशक प्रो राधाकृष्ण धीमान (Proffessor RK Dhiman) ने कहा है कि अस्पताल में देश भर से आने वाले मरीजों को अब बेड के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष के साथ बैठक व विभिन्न विभागों से वार्ता कर जायजा लिया गया है, जिस पर हमने कई बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया है. मरीजों की सहूलियत को देखते हुए इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के 210 नए बेड को 2021 तक शुरू हो जाएंगे. बता दें लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई उत्तर भारत का प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान माना जता है. अभी तक पीजीआई में इमरजेंसी के 30 बेड ही उपलब्ध थे, जिससे मरीजों को काफी दिक्कत होती थी.

नए निदेशक ने कहा कि संजय गांधी पीजीआई में आने वाले गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 2 से 3 महीने के अंदर ही इमरजेंसी में 20 से 30 बेड बढ़ाएंगे, जिससे अन्य मरीज भी अपना इलाज कराने में असुविधा न हो सके. वहीं अचानक हुए हादसे के लिए एसजीपीजीआई के एक्सप्रेस ट्रामा सेंटर को जल्द ही सभी सुविधाओं सहित 200 बेड को क्रियान्वित करेंगे. इसके साथ ही संस्थान में होने वाले शोध को और गति प्रदान करेंगे.

पीजीआई अंगदान और अंग प्रत्यारोपण पर देगा ध्यान
डॉक्टर बीसी राय नेशनल अवार्ड से सम्मानित प्रोफेसर आरके धीमान ने अंगदान पर जोर देते हुए कहा की हम अंगदान व अंग प्रत्यारोपण संस्थान में जल्द से जल्द शुरू करेंगे. जिससे ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों को जीवनदान दिया जा सके. हम संस्थान के विभिन्न विभागों में आ रही कमियां व खामियों को दूर करेंगे. जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न हो सके. पब्लिक हेल्थ जागरूकता वह मास ट्रीटमेंट के माध्यम से वायरल हेपेटाइटिस, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया आदि गंभीर बीमारियों के विषय में जनता को जागरूक करेगे जिससे लोग इन बीमारियों से बचाव कर सकें.

प्राइवेट अस्पतालों की चुनौती से निपटने को तैयार
इसके साथ ही पीजीआई के नवनियुक्त निदेशक ने भरोसा दिलाया कि संस्थान की प्रतिष्ठा को हमेशा ध्यान में रखा जाएगा. कुछ लोगों ने जब निदेशक से शिकायत की कि संस्थान के चिकित्सक ही लखनऊ में खुले 2 प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को शिफ्ट करवाते हैं तो इस पर निदेशक ने कहा कि वह इस मामले की पूरी जानकारी करेंगे. संस्थान का कोई भी चिकित्सक या स्टाफ अगर इन तमाम कार्यों में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी. निदेशक ने कहा कि उन्होंने लखनऊ के केजीएमयू से ही एमबीबीएस और मास्टर की पढ़ाई की है जबकि डीएम की पढ़ाई उन्होंने पीजीआई से ही की है तो ऐसे में इस शहर को बहुत पहले से वो जानते हैं. उनकी पूरी कोशिश होगी कि पीजीआई की प्रतिष्ठा को कोई आंच न आए, साथ ही पीजीआई को विश्व स्तर पर ले जाने की पूरी कोशिश करेंगे.

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First published: February 15, 2020, 11:37 AM IST
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