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खास बातचीत: बेटे कुश ने शत्रुघ्न सिन्हा को बताया असली 'बिहारी बाबू'

न्यूज18 से बातचीत में कुश ने राजनीति के अपने इस नए अनुभव को साझा करते हुए बताया कि यह काफी इंट्रेस्टिंग है.

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लखनऊ से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं सपा प्रत्याशी और शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा के प्रचार की कमान उनके बेटे कुश संभाल रहे हैं. कुश इन दिनों लखनऊ में रहकर इलेक्शन वॉर रूम पर नजर बनाए हुए हैं. सोशल मीडिया से लेकर घर-घर तक कैंपेन की रणनीति में कुश शामिल हो रहे हैं. साथ ही अनुभवी नेताओं से राजनीति के गुर भी सिख रहे हैं.

न्यूज18 से बातचीत ने राजनीति के अपने इस नए अनुभव को साझा करते हुए बताया कि यह काफी इंट्रेस्टिंग है. कुश कहते हैं, "यह एक अच्छा अनुभव है. मां पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. काफी कुछ सीखने को मिल रहा है. लखनऊ आकर पुराने और नए दोस्तों से भी मुलाकात हो गई."

मां पूनम सिन्हा के चुनाव प्रचार पर कुश कहते हैं, "जहां तक हो सकता है, मैं उनके इलेक्शन कैंपेन में शामिल हो रहा हूं. मैं सपा दफ्तर में पार्टी के लोगों के साथ बैठता हूं. उनके डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया पर काम किया है. इसके अलावा इलेक्शन स्ट्रेटेजी पर जैसे- कहां जाना है? क्या करना है? उस पर भी काम कर रहा हूं. जिनके पास इसका ज्यादा अनुभव ही उनसे सिखने की कोशिश भी कर रहा हूं."

कुश ने खुलासा किया कि वह फिल्म लाइन में हैं लेकिन वह खुद के बारे में पब्लिसिटी नहीं करते. उन्होंने फिल्मों और मॉडलिंग में किए गए अपने कामों को भी न्यूज18 के साथ साझा किया. उन्होंने कहा कि मैं खुद का प्रचार नहीं करता. मेरा मानना है कि आपका काम खुद बोले. मैंने काजल अग्रवाल और आयुष्मान खुराना के भाई अपार शक्ति खुराना के साथ एक शार्ट फिल्म की थी. यह ब्लड डोनेशन पर आधारित थी, जो काफी वायरल भी हुई थी. इसके अलावा पिता शत्रुघ्न सिन्हा और बहन सोनाक्षी सिन्हा के साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर एक ऐड भी किया था. उन्होंने बताया कि अभी वे फिल्म पर काम कर रहे हैं, लेकिन चुनाव की वजह से अभी रुका हुआ है..

कुश पॉलिटिक्स को कॅरियर नहीं मानते. उनका कहना है कि पॉलिटिक्स में अगर आप बिजिनेस के लिए आते हो तो यह ठीक नहीं है. यह लोगों की सेवा के लिए है. उनका कहना है कि पॉलिटिक्स एक सोशल सर्विस है जैसा कि उनके पिता शत्रुघ्न सिन्हा ने लोगों के लिए किया. यही वजह है कि आज बिहार में उनका नाम और सम्मान है. क्योंकि वे लोगों से जुड़े रहे. उन्होंने पॉलिटिक्स को अपना करियर नहीं बनाया.

कुश मानते हैं कि बिहार में रवि शंकर प्रसाद शत्रुघ्न सिन्हा के लिए कोई चुनौती नहीं हैं. उन्होंने रवि शंकर प्रसाद को बाहरी बताते हुए कहा कि असली बिहारी बाबू उनके पिता शत्रुघ्न सिन्हा ही हैं.

कुश कहते हैं कि अभी राजनीति में आने के बारे में नहीं सोचा है. अभी बहुत लंबा वक्त है. अगर आगे चलकर लगा कि मुझे पॉलिटिक्स में आना चाहिए तो मैं जरूर आऊंगा, लेकिन मैं इस वजह से पॉलिटिक्स में नहीं आऊंगा कि मेरे माता-पिता पॉलिटिक्स में हैं. मैं पॉलिटिक्स में तभी आऊंगा जब मुझे लगेगा कि मैं लोगों के लिए कुछ कर सकता हूं."

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