बाबरी पक्षकारों को पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से मिल रही फंडिंग: वसीम रिजवी

बाबरी पक्षकारों के वकील राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा था, 'हिंदू पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि मुसलमान वहां नमाज नहीं पढ़ते, जबकि हकीकत ये है कि 1934 से निर्मोही अखाड़े के बाद से वहां जाने ही नहीं दिया गया.'

News18Hindi
Updated: September 6, 2019, 1:16 PM IST
बाबरी पक्षकारों को पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से मिल रही फंडिंग: वसीम रिजवी
बाबरी पक्षकारों को मिल रही है पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से फंडिंग: वसीम रिजवी
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Updated: September 6, 2019, 1:16 PM IST
लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद (Ram Janmabhoomi-Babri Masjid) विवाद को लेकर सुनवाई लगातार जारी है. शुक्रवार को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी (Waseem Rizvi) ने वीडियो जारी कर बाबरी पक्षकारों पर गंभीर आरोप लगाए. रिजवी ने कहा कि बाबरी पक्षकरों को पाकिस्तान (Pakistan) के आतंकी संगठनों (Terror Organizations) से मिलने वाली मदद से बड़े वकील राजीव धवन को पैसा दिए गये हैं. उन्होंने कहा कि वकील धवन तो वहीं बोलेंगे जो उनसे कहा जायेगा. रिजवी ने कहा कि ऐसे में भगवान श्रीराम (Lord Sri Ram) के अस्तित्व पर वहीं लोग आज सवाल उठवा रहे है जिनके खुद के पूर्वज राक्षस थे.

वीडियो में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि जिन राक्षसों का वध भगवान श्रीराम ने किया था उनकी ही औलादें आज भगवान श्रीराम को नकार रही हैं. वसीम रिजवी आगे कहते हैं कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनी इमारत कभी भी एक जायस मस्जिद नहीं थी, वो इमारत मुगलों का एक गुनाह थी.

अब और रथ यात्रा नहीं होनी चाहिए
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील राजीव धवन ने कहा था, 'हिंदू पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि मुसलमान वहां नमाज नहीं पढ़ते, जबकि हकीकत ये है कि वर्ष 1934 से निर्मोही अखाड़े के बाद से वहां जाने ही नहीं दिया गया.' धवन ने कहा कि 1990 में रथ यात्रा के बाद बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ और अब ये सिलसिला रुकना चाहिए, अब और रथ यात्रा नहीं होनी चाहिए. धवन ने फैज़ाबाद (अब अयोध्या) के जिलाधिकारी (डीएम) के.के नायर का हवाला दिया, जिन्होंने वहां पर मूर्तियों को हटाने से ही इनकार कर दिया.

अयोध्या मामले पर सुनवाई जारी

अयोध्या मामले पर सुनवाई शुरू होने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने वकील धवन की तरफ से दाखिल अवमानना याचिका नोटिस जारी किया. धवन की शिकायत है कि चेन्नई के रहने वाले 88 साल के प्रोफेसर षणमुगम ने उन्हें भगवान के विरोध में पेश होने के लिए श्राप दिया. ऐसा कर के उन्होंने न्याय के काम मे बाधा डाली है. कोर्ट इस अवमानना याचिका पर दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगी. अयोध्या भूमि विवाद को लेकर मुस्लिम पक्षकार की ओर से राजीव धवन की दलील कल भी जारी रहेगी.

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First published: September 6, 2019, 1:02 PM IST
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