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शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी बोले- शाहीन बाग में धरना देने वालों तब कहां थे...

News18Hindi
Updated: January 20, 2020, 3:19 PM IST
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी बोले- शाहीन बाग में धरना देने वालों तब कहां थे...
शाहीन बाग में धरना देने वालों तब कहां थे...

सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में पुराने लखनऊ में महिलाओं का प्रदर्शन जारी रहा. दरअसल खुले आसमान के नीचे पिछले शुक्रवार से बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर पुराने लखनऊ स्थित घंटाघर के सामने प्रदर्शन कर रही हैं.

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  • Last Updated: January 20, 2020, 3:19 PM IST
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लखनऊ. दिल्ली के शाहीन बाग और देश के अन्य शहरों में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में लंबे वक्त से प्रदर्शन चल रहा है. इस पर सियासत भी खूब हो रही है. इसी कड़ी में सोमवार को शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) ने वीडियो जारी करके बड़ा बयान दिया. रिजवी ने कहा कि शाहीन बाग और देश के अन्य राज्यों में कांग्रेस की गंदी राजनीति का शिकार हुए लोग धरना दे रहे है. उन्होंने कहा कि जो लोग इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाकर सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध कर रहे है उन्हें हम बताना चाहते है कि वो लोग तब कहा थे. जब 1990 में कश्मीरी पंडितों जबरन निकाला जा रहा था, वहीं हजारों कश्मीरी पंडितों को मारा जा रहा था.

शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन आगे कहते हैं कि जब 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी, उस वक्त दिल्ली की सड़कों पर सिखों का कत्ल कर लाल कर दिया गया.उस वक्त अगर लोग जागरूक होते तो हजारों कश्मीरी पंडितों और सिखों को बचाया जा सकता था. रिजवी ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों को रात में धरने पर बैठाने वालों को चूड़ियां पहन लेना चाहिए.

प्रदर्शन में महिलाओं के साथ बच्चे भी शामिल
सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में पुराने लखनऊ में महिलाओं का प्रदर्शन जारी रहा. दरअसल खुले आसमान के नीचे पिछले शुक्रवार से बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर पुराने लखनऊ स्थित घंटाघर के सामने प्रदर्शन कर रही हैं. उनके साथ बच्चे भी हैं. इन महिलाओं का कहना है कि सरकार जब तक सीएए और एनआरसी को वापस नहीं लेती है तब तक वह अपना धरना समाप्त नहीं करेंगी.

आरोप लगा कि पुलिस ने कंबल जब्त कर लिए
इससे पहले प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया था कि काफी सर्दी होने के बावजूद पुलिस ने शनिवार की देर रात उनके कंबल जब्त कर लिए गए. हालांकि पुलिस ने एक बयान जारी कर इस पर सफाई दी.
पुलिस का कहना है कि कुछ सामाजिक संगठन इन महिलाओं को कंबल दे रहे थे तभी बड़ी संख्या में अन्य लोग जो इस धरने में शामिल नहीं थे, वे भी कंबल लेने के लिए वहां पहुंच गए. भीड़ और अफरा-तफरी को रोकने के लिए उसने वहां से कंबल हटवाए.ये भी पढ़ें:

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First published: January 20, 2020, 3:19 PM IST
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