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वसीम रिजवी बोले- 2 गुटों में बंटा है AIMPLB, सुन्नी वक्फ बोर्ड पर बना रहा है दबाव

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 21, 2019, 12:40 PM IST
वसीम रिजवी बोले- 2 गुटों में बंटा है AIMPLB, सुन्नी वक्फ बोर्ड पर बना रहा है दबाव
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी का कहना है कि अयोध्या मसले पर एआईएमपीएलबी सुन्नी बोर्ड पर दबाव बना रहा है.

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी का कहना है कि दरअसल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और एआईएमआईएम (AIMIM) के असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) हमेशा सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड पर दबाव बनाते रहे हैं.

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लखनऊ. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और जमियत उलेमा-ए-हिन्द ने पिछले दिनों ऐलान किया कि वे अयोध्या (Ayodhya) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के 5 जजों की संविधान पीठ द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दाखिल करेंगे. इतना ही नहीं पर्सनल लॉ बोर्ड ने मस्जिद के लिए दूसरी जगह जमीन लेने से भी इनकार कर दिया है. दूसरी तरफ, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूकी ने कहा हम पुनर्विचार याचिका दाखिल न करने के फैसले पर कायम हैं. उधर सुन्नी बोर्ड के एक सदस्य अब्दुल रज्जाक ने जुफर फारुकी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. इस पूरे मसले पर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी का कहना है कि दरअसल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी हमेशा सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड पर दबाव बनाते रहे हैं.

मुस्लिम बोर्ड के खिलाफ आवाज बुलंद करें सदस्य

वसीम रिजवी का कहना है कि अयोध्या मामले में भी सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड पर ज़बरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है. वसीम रिजवी ने कहा कि दरअसल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड दो गुटों में बंटा नज़र आ रहा है. उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि जो सदस्य AIMPLB के खिलाफ हैं, वो अपनी आवाज बुलंद करें और AIMPLB से इस्तीफा दें. नहीं तो उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएं.

इकबाल अंसारी और सुन्नी बोर्ड कर चुके हैं किनारा

बता दें मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले से सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) और इस मामले में मुख्य पक्षकार इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) की राय जुदा है. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और इकबाल अंसारी ने कहा है कि वे इस मामले में रिव्यू पिटीशन दाखिल नहीं करेंगे.

26 नवंबर को होनी है सुन्नी बोर्ड की अहम बैठक

इकबाल अंसारी ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के पांच पक्षकार हैं. कोई क्या कह रहा है, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है. हम रिव्यू याचिका दाखिल नहीं कर रहे हैं. अब इसका कोई मतलब नहीं है, जब फैसला वही रहेगा. इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ेगा. दूसरी तरफ, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारूकी ने कहा कि हम पुनर्विचार याचिका दाखिल न करने के फैसले पर कायम हैं. हालांकि, पांच एकड़ जमीन को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड के नजरिए पर गौर करेंगे. सुन्नी वक्फ बोर्ड 26 नवंबर को इस पर चर्चा करेगा.
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इनपुट: मोहम्मद शबाब

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First published: November 21, 2019, 12:40 PM IST
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