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शाहीन बाग में धरना अपना हक़ मांगने का नहीं, हिंदुओं का हक़ छीनने की जिद: वसीम रिजवी
Lucknow News in Hindi

Mohd Shabab | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 20, 2020, 4:06 PM IST
शाहीन बाग में धरना अपना हक़ मांगने का नहीं, हिंदुओं का हक़ छीनने की जिद: वसीम रिजवी
शिया बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने शाहीनबाग प्रदर्शन को लेकर बयान दिया है.

शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि शाहीन बाग का धरना (Shaheen Bagh Protest) हक मांगने कि लड़ाई नहीं है बल्कि हिंदुओं का हक छीनने की जिद है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले कसाब (अजमल आमिर कसाब) भेजता था, लेकिन अब 'ओवैसी वायरस' से हिंदुस्तान में कसाब तैयार किये जा रहे हैं

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लखनऊ. शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड (Shia Cemtra) के चेयरमैन वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग (Shaheen Bagh Protest) में जारी धरने पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि शाहीन बाग का धरना हक मांगने कि लड़ाई नहीं है बल्कि हिंदुओं का हक छीनने की जिद है. वसीम रिजवी ने कहा कि पाकिस्तान पहले कसाब (अजमल आमिर कसाब) भेजता था, लेकिन अब 'ओवैसी वायरस' से हिंदुस्तान में कसाब तैयार किये जा रहे हैं.

वसीम रिजवी ने गुरुवार को मीडिया में बयान देकर कहा कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो इस्लामिक दाढ़ी और बगैर मूंछ के डरावने चेहरे हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को तार-तार कर देंगे. उन्होंने कहा कि शाहीन बाग जैसे हजारों धरने हो जाएं लेकिन सीएए (CAA) पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए.

बता दें कि वसीम रिजवी लगातार अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में बने रहते हैं. इससे पहले उन्होंने बरेली में तौकीर रजा के बयान पर उन्हे नामर्द कहा था, जो बेहद विवावित रहा था. सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर लगातार वसीम रिजवी सख्त बयानबाजी करते रहे हैं.

शाहीन बाग में 66 दिन से जारी है धरना-प्रदर्शन



बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में महिलाएं और अन्य 15 दिसंबर, 2019 से धरने पर बैठे हुए हैं. उनकी मांग है कि सरकार CAA कानून को तत्काल वापस ले. दो महीने से ज्याादा समय से जारी धरना की वजह से लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मसले का हल निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले दिनों प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे. इसके तहत बुधवार को दोनों पर्यवेक्षकों साधना रामचंद्रन, संजय हेगड़े ने यहां पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी थी.

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First published: February 20, 2020, 3:36 PM IST
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