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Ayodhya Verdict: सुन्नी बोर्ड के फैसले का शिया सेंट्रल वक्फ ने किया स्वागत

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Updated: November 26, 2019, 4:20 PM IST
Ayodhya Verdict: सुन्नी बोर्ड के फैसले का शिया सेंट्रल वक्फ ने किया स्वागत
सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले का वसीम रिजवी ने किया स्वागत

वसीम रिजवी ने कहा कि मैं बधाई देता हूं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के लोगों को जिन्होंने अपने पुराने फैसले पर कायम रहते हुए रिव्यू पिटिशन दायर न करने का निर्णय को वक्फ बोर्ड से पास करा दिया.

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  • Last Updated: November 26, 2019, 4:20 PM IST
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लखनऊ. अयोध्या जमीन विवाद (Ayodhya Land Dispute) पर 9 नवंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर मुस्लिमों के सबसे बड़े पक्षकार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) ने रिव्यू पिटिशन दायर न करने पर सहमति बनी. इसी क्रम में मंगलवार को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने वीडियो जारी करके सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के फैसले का स्वागत किया.

हिंदुस्तान में एक अच्छा माहौल कायम रहे

वसीम रिजवी ने कहा कि मैं बधाई देता हूं सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के लोगों को जिन्होंने अपने पुराने फैसले पर कायम रहते हुए रिव्यू पिटिशन दायर न करने का निर्णय को वक्फ बोर्ड से पास करा दिया. उन्होंने कहा कि हम सभी का फर्ज है कि हिंदुस्तान में एक अच्छा माहौल कायम रहे, वहीं हम लोगों को ऐसा कोई काम न करना चाहिए जिससे दो धर्मों के बीच में टकराव की स्थित कायम हो. रिजवी ने कहा देश में अमन चैन बना रहे यह हमारा पहला कर्तव्य है.

8 में से 6 सदस्य चेयरमैन के पक्ष में

इससे पहले बैठक शुरू होते ही हंगामा हो गया. बैठक में चेयरमैन के फैसले का विरोध एक सदस्य अब्दुल रज्जाक ने किया. लेकिन बाकी सभी सदस्यों ने चेयरमैन के फैसले पर सहमति जता दी. बोर्ड के 8 में से 6 सदस्य ज़ुफर फारूकी के पक्ष में हैं. वहीं अब्दुल रज्जाक ने इसका विरोध किया. वैसे इस मीटिंग में बोर्ड के 8 में से 7 सदस्य उपस्थित हुए. इनमें चेयरमैन जुफ़र फारूकी के साथ अब्दुल रज्जाक, अदनान फारुख शाह, खुशनूद मियां, जुनैद सिद्दीकी, मोहम्मद जुनीद और मोहम्मद अबरार अहमद के नाम शामिल हैं. वहीं, बोर्ड के एकमात्र सदस्य इमरान माबूद खान ने बोर्ड की मीटिंग का बहिष्कार किया है.

AIMPLB की बढ़ीं मुश्किलें

बता दें कि बाबरी मस्जिद का नाम वक्फ प्रॉपर्टी से हटाने, पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और 5 एकड़ जमीन लेने या न लेने के संबंध में सुन्नी वक्फ बोर्ड की ये बैठक बुलाई गई थी. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जहां पुनर्विचार याचिका दाखिल करने पर मन बना चुका है, वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी कह चुके थे कि वे इस मामले में पुनर्विचार याचिका नहीं दाखिल करेंगे.
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बैठक में 4 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई. इसमें पुनर्विचार याचिका दाखिल न करने को लेकर बहुमत से सहमति बनी, वहीं 5 एकड़ जमीन के मसले पर तय किया गया कि सरकार जब जमीन देगी तब उस पर विचार किया जाएगा.

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First published: November 26, 2019, 4:11 PM IST
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