राम मंदिर मामलाः आमने-सामने आए शिया वक्फ बोर्ड और शिया पर्सनल लॉ बोर्ड

News18Hindi
Updated: November 15, 2017, 1:00 PM IST
राम मंदिर मामलाः आमने-सामने आए शिया वक्फ बोर्ड और शिया पर्सनल लॉ बोर्ड
शिया पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना यासूब अब्बास. (File Photo)
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Updated: November 15, 2017, 1:00 PM IST
राम मंदिर मामले पर शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की कवायद को शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने झटका दे दिया है. वसीम रिजवी के बयानों के उलट शिया पर्सनल ला बोर्ड के सदस्य मौलाना यासूब अब्बास ने बुधवार को ऐलान किया है कि वो इस मसले पर आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ हैं.

यासूब अब्बास ने कहा कि वसीम रिजवी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन है, वो एक सरकारी महकमा है. उनके बारे मे मैं कुछ नहीं कहूंगा. लेकिन शिया पर्सनल लॉ बोर्ड राम मंदिर मामले में आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ है. हम चाहते हैं कि वहां मस्जिद बने. साथ ही जो विवाद है वो कोर्ट या बातचीत से हल हो.

उन्होंने कहा कि शिया पर्सनल लॉ बोर्ड बोर्ड का काम शरई मसलों पर अपनी राय देने का है लेकिन यहां विवाद जमीन का है, जो वक्फ बोर्ड की है. इसलिए वक्फ बोर्ड के अलावा किसी और की राय का कोई मतलब नहीं है. फिर चाहें वो पर्सनल ला बोर्ड हो. शिया समाज मे कोई बंटवारा नहीं है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज में कोई बंटवारा नहीं है केवल कुछ लोग अपने फायदे के लिए ऐसा कर रहे हैं.

बता दें कि मामले में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी लगातार यह कह रहे हैं कि बाबरी मस्जिद शियाओं की थी, लिहाजा वक्फ बोर्ड का ही उस पर अधिकार है. उन्होंने जो सुलह का फार्मूला पेश किया है, उसमें उन्होंने विवादित स्थल पर राम मंदिर के ही बनने का समर्थन किया है.

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First published: November 15, 2017
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