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अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए दी जाने वाली जमीन पर दावा कर सकता है शिया वक्फ बोर्ड

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 27, 2019, 8:34 PM IST
अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए दी जाने वाली जमीन पर दावा कर सकता है शिया वक्फ बोर्ड
कोर्ट ने इससे ठीक पहले विवादित स्थल पर शिया वक्फ बोर्ड की दावेदारी सम्बन्धी अपील को खारिज कर दी थी. (फाइल फोटो)

वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) ने बताया कि शिया वक्फ बोर्ड का यह मानना है कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जो भी फैसला किया है वह अन्तिम है और राम जन्म भूमि—बाबरी मस्जिद प्रकरण के विवाद का अन्त है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड (Uttar Pradesh Shia Waqf Board) ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के अनुसार अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पांच एकड़ जमीन नहीं लेता है तो वह खुद इसके लिए दावा पेश कर सकता है. शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने बुधवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवम्बर के अपने फैसले में सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है. अगर बोर्ड यह जमीन नहीं लेता है तो शिया वक्फ बोर्ड इस पर दावेदारी कर सकता है. बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया.

जमीन मिलने पर वहां अस्पताल बनाने का ला सकता है प्रस्ताव
इस सवाल पर कि जब अदालत ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को जमीन देने को कहा है. अगर वह जमीन नहीं लेता है तब शिया वक्फ बोर्ड किस हैसियत से दावा पेश कर सकेगा, रिजवी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने खुद माना है कि बाबरी मस्जिद बाबर के शिया कमांडर मीर बाकी ने बनवाई थी, लिहाजा विवादित स्थल शिया वक्फ सम्पत्ति मानी जानी चाहिए. शिया वक्फ बोर्ड विवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिये इसी आधार पर सरकार से जमीन मांग सकता है और उस पर जनहित में एक अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव ला सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में पांच एकड़ जमीन देने का सरकार को दिया था आदेश

उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय ने नौ नवम्बर को अयोध्या में विवादित रहे स्थल पर दावेदारी की शिया वक्फ बोर्ड की अपील खारिज कर दी है और बोर्ड इस निर्णय पर पुनर्विचार की याचिका नहीं दाखिल करेगा. मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने गत नौ नवम्बर को अयोध्या मामले में फैसला सुनाते हुए विवादित स्थल पर राममंदिर बनवाने और मस्जिद बनाने के लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अयोध्या में पांच एकड़ जमीन देने का सरकार को आदेश दिया था.

मस्जिद निर्माण के लिए जमीन लेने से पहले ही इनकार कर चुका है
 AIMPLरिजवी का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सुन्नी वक्फ बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में मस्जिद बनाने के लिए जमीन लेने के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं हो सका. बोर्ड के सदस्यों ने इस मामले के शरई पहलुओं पर गौर करने के लिए और वक्त मांगा है. अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष की रहनुमाई कर रहा AIMPLB मस्जिद निर्माण के लिए जमीन लेने से पहले ही इनकार कर चुका है. फैसले पर किसी भी तरह की कोई पुनर्विचार याचिका दायर करने से देश के हालात खराब हो सकते हैं.
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First published: November 27, 2019, 8:33 PM IST
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