वसीम रिजवी ने पीएम मोदी से की अपील- "Worship Act" खत्म कर मंदिर वापस दिलाएं

वसीम रिजवी ने पीएम मोदी से की अपील
वसीम रिजवी ने पीएम मोदी से की अपील

वसीम रिजवी (Waseem Rizvi) ने आगे लिखा है, 'द प्लेसेज ऑफ वरशिप एक्ट, 1991' एक विवादित अधिनियम है जो किसी एक धर्म के अधिकार और धार्मिक संपत्ति.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 3:38 PM IST
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लखनऊ. अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाले यूपी शिया सेंट्रल वक्फ़ बोर्ड (Shia Central Waqf Board) के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी (Waseem Rizvi) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्लेस ऑफ वरशिप एक्ट 1991 को खत्म कर पुराने तमाम तोड़े गए मंदिरों को हिंदुओं को वापस देने और मुगलों के पहले की स्थिति बहाल करने की मांग की है. बता दें कि मथुरा में एक बार फिर कृष्ण जन्मभूमि से सटे ईदगाह मस्जिद को खाली करने की मांग उठने लगी है और बाकायदा इस बारे में एक याचिका स्थानीय अदालत में दी गई है.

रिजवी ने पत्र में लिखा है कि 1991 में कांग्रेस पार्टी की सरकार में 'द प्लेसेज ऑफ वरशिप एक्ट, 1991' बनाया गया जिसमें यह कानून बना दिया गया कि 1947 के बाद जितने भी धार्मिक स्थल हैं, उनकी यथास्थिति बहाल रहेगी. ऐसे धार्मिक स्थलों का स्वरूप बदलने के लिए किसी भी तरह का कोई वाद किसी भी न्यायालय में दाखिल नहीं किया जा सकेगा. इस अधिनियम से अयोध्या के राम मंदिर प्रकरण को अलग रखा गया था.

वसीम रिजवी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
वसीम रिजवी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र




वसीम रिजवी ने आगे लिखा है, 'द प्लेसेज ऑफ वरशिप एक्ट, 1991' एक विवादित अधिनियम है जो किसी एक धर्म के अधिकार और धार्मिक संपत्ति जो उनसे मुस्लिम कट्टरपंथी मुगल शासकों ने ताकत के बल पर छीन कर उस पर अपना धार्मिक स्थल (मस्जिद) बनवा दिए थे. वह सभी प्राचीन धार्मिक स्थल (मंदिर) भारतीय हिंदू धर्म के मानने वाले लोगों के थे. ये धार्मिक स्थल उन्हें वापस न मिलने पाए, इस अन्याय को सुरक्षा प्रदान करता है जो कि किसी एक धर्म विशेष के धार्मिक अधिकारों और धार्मिक संपत्तियों का हनन है.
देश भर की 9 मस्जिदों का ज़िक्र

इसी के साथ वसीम रिजवी ने देश भर की 9 मस्जिदों के चिट्ठी में ज़िक्र किया है. जिसमें श्री राम जन्मभूमि अयोध्या, केशव मंदिर श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा, अटाला देव मंदिर जौनपुर, काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी, रुद्रा महालया मंदिर गुजरात, भद्रकाली मंदिर अहमदाबाद, आदिना मस्जिद पश्चिम बंगाल, विजया मंदिर मध्यप्रदेश, मस्जिद कुवत उल इस्लाम दिल्ली शामिल है.
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