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सपा में एका की कोशिश धूमिल! शिवपाल जाने के मूड में नहीं तो अखिलेश लेने के

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: June 12, 2019, 8:40 AM IST
सपा में एका की कोशिश धूमिल! शिवपाल जाने के मूड में नहीं तो अखिलेश लेने के
मुलायम का हालचाल लेने पहुंचे थे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

हालांकि सपा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के बीच भविष्य में गठबंधन की संभावनाएं खुली हुई हैं.

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लोकसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव द्वारा यादव कुनबे को एकजुट करने की उम्मीदें धूमिल ही नजर आ रही हैं. शिवपाल सिंह यादव जहां समाजवादी पार्टी में वापसी को तैयार नहीं है, वहीं अखिलेश यादव चाचा को वापस लाने के मूड में भी नहीं दिख रहे हैं. हालांकि सपा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के बीच भविष्य में गठबंधन की संभावनाएं खुली हुई हैं.

अखिलेश के ट्वीट से चाचा की तस्वीर नदारद

दरअसल, मंगलवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी मुखिया शिवपाल सिंह यादव ने सपा में वापसी से साफ इनकार किया. लेकिन उन्होंने गठबंधन की संभावना बनाए रखी. उधर सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब मुलायम सिंह के घर पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना तो उस वक्त शिवपाल यादव और अखिलेश भी मौजूद थे. मुलाकात के बाद की तस्वीरें दिखा रही थीं कि यादव परिवार में सब कुछ ठीक हो रहा है. लेकिन अखिलेश यादव ने जब तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की तो चाचा वाली तस्वीर नदारद थी.

शिवपाल अपने दम पर बढ़ने की कोशिश में 

उधर शिवपाल ने मंगलवार को अपने आवास पर प्रसपा के जिला और शहर अध्यक्षों की समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने संगठन का पुनर्गठन कर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रसपा को मुख्य मुकाबले में लाने का दावा किया. शिवपाल का कहना है कि लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाने के कारण अपेक्षित नतीजे प्राप्त नहीं हो सके. परिवार में एकजुटता की कोशिशों पर टिप्पणी करने से बचते हुए उन्होंने सपा में वापसी को सिरे से खारिज किया. शिवपाल का कहना था कि प्रदेश में प्रसपा को मजबूत करने की अनुकूल परिस्थितियां मौजूद है व मजबूत विपक्ष की भूमिका प्रसपा ही निभा सकती है.

अखिलेश शिवपाल को लेकर सशंकित

दरअसल, दो लोकसभा चुनाव और एक विधानसभा चुनाव हारने के बाद अखिलेश यादव पर परिवार को एक करने का दबाव बढ़ा है. बावजूद इसके अखिलेश यादव चाचा शिवपाल को पार्टी में वापस लेने को लेकर सशंकित नजर आ रहे हैं. दरअसल इसकी वजह यह है कि जिस तरह से जंग लड़कर उन्होंने पार्टी पर एकाधिकार जमाया है वे उसे खोना नहीं चाहते. शिवपाल के आने से उन्हें खतरा महसूस हो रहा है. सूत्रों की मानें तो मुलायम की सोच अलग है. उनका कहना है कि जब दो धुर विरोधी बसपा और कांग्रेस से गठबंधन हो सकता है तो शिवपाल को वापस क्यों नहीं लिया जा सकता. लेकिन अखिलेश इसके लिए अभी तैयार नहीं हैं.ये भी पढ़ें: लखनऊ को अवैध डेयरियों से मिलेगी निजात, 21 से चलेगा ऑपरेशन ऑल आउट

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First published: June 12, 2019, 8:40 AM IST
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