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रंजीत बच्चन हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी शूटर जीतेंद्र गिरफ्तार
Lucknow News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 8, 2020, 7:46 AM IST
रंजीत बच्चन हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी शूटर जीतेंद्र गिरफ्तार
पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ शूटर जीतेंद्र.

Ranjeet Bachchan Murder: पुलिस हत्या में शामिल होने के आरोप में रंजीत की दूसरी पत्नी स्मृति, उनके कथित प्रेमी दीपेंद्र और हत्या में इस्तेमाल किए गए कार को चलाने वाले संजीत को गिरफ्तार कर चुकी है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए सनसनीखेज रंजीत बच्चन हत्याकांड (Ranjeet Bachchan Murder Case) मामले में शनिवार सुबह पुलिस की हत्यारोपी जीतेंद्र से मुठभेड़ हो गई. वहीं, मुठभेड़ के दौरान शूटर जीतेंद्र के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया. पुलिस ने घायल जीतेंद्र को इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया है. पुलिस ने मौके से पिस्तौल, कारतूस और बाइक बरामद की है.

पैर में लगी गोली
घटना एसीपी कैंट ऑफिस के पास की है. दरअसल, रंजीत बच्चन हत्याकांड का शूटर जीतेंद्र की तलाश में पुलिस टीम छापेमारी कर रही है. पुलिस को सूचना मिली कि जितेंद्र बाइक से रायबरेली भाग रहा है. वह चारबाग स्टेशन के पास है. इस पर पुलिस टीम ने पीछा शुरू किया. पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए शूटर जितेंद्र को एसीपी कैंट कार्यालय की ओर से घेरना शुरू कर दिया. देवी खेड़ा मोड़ पर पुलिस को देखते ही जितेंद्र ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में जितेंद्र के बाएं पैर पर गोली लगी. पुलिस ने घायल जीतेंद्र को इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया है. जीतेंद्र पर रंजीत को गोली मारने का आरोप है.

घायल हत्यारोपी जीतेंद्र
घायल हत्यारोपी जीतेंद्र


पत्नी स्मृति समेत सभी आरोपी गिरफ्तार
इससे पहले पुलिस ने हत्या में शामिल रंजीत की दूसरी पत्नी स्मृति, उनके प्रेमी दीपेंद्र और हत्या में इस्तेमाल कार चलाने वाले संजीत को गिरफ्तार कर लिया था. अंतरराष्‍ट्रीय हिंदू महासभा के नाम से संगठन चलाने वाले रंजीत बच्चन की 2 फरवरी की सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान हजरतगंज के ग्लोब पार्क के बाहर हत्या कर दी गई थी.

इसलिए रची थी रास्ते से हटाने की साजिशबताया जाता है कि दीपेंद्र और स्मृति के संबंधों की जानकारी रंजीत को हो गई थी, जिसको लेकर रंजीत ने 21 जनवरी को स्मृति को थप्पड़ मारा था. स्मृति और दीपेंद्र काफी समय से रंजीत को रास्ते से हटाने की प्लानिंग तो कर ही रहे थे. इस थप्पड़ की वजह से उनके इरादे और मजबूत हो गए.

इस तरह दिया था घटना को अंजाम
जानकारी के मुताबिक, दीपेंद्र अपने चचेरे भाई जितेंद्र को रंजीत की हत्या के लिए राजी किया. इसके बाद 28, 29 जनवरी को मॉर्निंग वॉक करते हुए रंजीत की रेकी की गई. रेकी के बाद दीपेंद्र और जीतेंद्र रायबरेली चले गए. 1 फरवरी की रात दो बजे संजीत, जीतेंद्र और दीपेंद्र सफेद बलेनो कार से लखनऊ के लिए निकले. संजीत कार चला रहा था. हजरतगंज के पास जितेंद्र और दीपेंद्र कार से उतरे और ग्लोब पार्क के पास जितेंद्र ने रंजीत बच्चन को गोली मार दी, आदित्य ने विरोध किया तो उस पर गोली चला दी.

इनपुट- ऋषभ मणि त्रिपाठी

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First published: February 8, 2020, 6:33 AM IST
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