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लखनऊ शूटआउट केस में जांच शुरू, SIT प्रमुख बोले- कुछ अहम सुराग मिले

लखनऊ शूटआउट मामले में एसआईटी जांच शुरू. Photo: News 18

लखनऊ शूटआउट मामले में एसआईटी जांच शुरू. Photo: News 18

लखनऊ शूटआउट मामले की जांच करने के लिए गठित एसआईटी में क्राईम ब्रांच, फारेंसिक, बैलिस्टिक एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं.

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लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड मामले की एसआईटी ने रविवार को जांच शुरू कर दी है. एसआईटी प्रमुख आईजी रेंज सुजीत पांडेय इसी संदर्भ में दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. इस दौरान मौका-ए-वारदात की तस्वीरों के साथ ही सैंपल भी इकट्ठा किए गए. घटना के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले पुलिसकर्मी भी इस दौरान वहां मौजूद रहे. वहीं एसआईटी में क्राईम ब्रांच, फॉरेंसिक, बैलिस्टिक एक्सपर्ट भी शामिल किए गए हैं.

एसआईटी प्रमुख आईजी सुजीत पांडे ने कहा कि जांच के दौरान हमें कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. विवेक की कार पर गोली चलने की बैलिस्टिक जांच की गई है. अब पिस्टल की बैलिस्टिक जांच होगी. उन्होंने कहा कि हर सवाल का जवाब एसआईटी जांच में होगा. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए सिपाहियों की ट्रेनिंग हो रही है.

बता दें शुक्रवार/शनिवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे एप्पल के 38 वर्षीय एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी अपनी दफ्तर की साथी सना के साथ घर जा रहे थे. तभी गोमतीनगर में दो पुलिसकर्मी आए और उन्हें गाड़ी रोकने को कहा. विवेक तिवारी ने गाड़ी आगे बढ़ाने की कोशिश की. इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने गोली चला दी, जिसमें विवेक तिवारी की मौत हो गई. मामले में पुलिस ने पहले तो मनगढ़ंत कहानियां बनानी शुरू की, लेकिन दबाव बढ़ा तो आखिरकार आरोपी सिपाहियों को गिरफ्तार किया गया. यही नहीं सरकार की तरफ से एसआईटी जांच के आदेश दिए गए और ज्युडिशियल इंक्वायरी के भी आदेश दिए गए हैं.



उधर मामले की सीबीआई जांच की कर रहे विवेक तिवारी के परिजन रविवार को उनके अंतिम संस्कार के लिए मान गए. दरअसल मृतक की पत्नी ने पुलिस विभाग में नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी. हालांकि लखनऊ के जिलाधिकारी कौशल राज ने परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी और आर्थिक सहायता के रूप में 25 लाख रुपये देने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवार ने रविवार सुबह तिवारी का अंतिम संस्कार कर दिया.
जिलाधिकारी ने इसके साथ ही बताया कि उन्होंने मामले की सीबीआई से जांच कराने की संस्तुति कर दी है. उधर विवेक तिवारी पर फायरिंग के आरोपी दोनों आरोपी सिपाहियों को 11 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

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