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विवेक तिवारी हत्याकांड: चश्मदीद सना के साथ क्राइम सीन को Recreate करेगी एसआईटी

विवेक तिवारी हत्याकांड: चश्मदीद सना के साथ क्राइम सीन को Recreate करेगी एसआईटी

विवेक तिवारी हत्याकांड की चश्मदीद सना (File Photo- ANI)

विवेक तिवारी हत्याकांड की चश्मदीद सना (File Photo- ANI)

बता दें विवेक तिवारी की मौत के मामले की चश्मदीद सना ने पहली बार सोमवार को चुप्पी तोड़ी. उसने मीडिया को घटना की पूरी कहानी बताई. इसमें उन्होंने कई अहम खुलासे किए.

    लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड की जांच जारी है. मौका-ए-वारदात से साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम मंगलवार को मामले की एकमात्र चश्मदीद सना से मिलने उसके घर पहुंची. विवेक तिवारी की पूर्व सहकर्मी सना से इस दौरान एसआईटी टीम के एसपी क्राइम दिनेश कुमार सिंह ने मुलाकात की. बताया जा रहा है कि एसआईटी टीम आज सना का बयान दर्ज कर सकती है. वहीं टीम सना को लेकर जाकर घटनास्थल का भी मुआयना कर सकती है. इस दौरान क्राइम सीन को सना के बयान के आधार पर रीक्रिएट किया जाएगा.

    बताया जा रहा है कि बयान दर्ज करने के लिए सना को एसआईटी दफ्तर ले जाया जा सकता है. इस दौरान एसआईटी जांच टीम के अध्यक्ष आइजी सुजीत पांडे भी मौजूद रहेंगे.

    बता दें विवेक तिवारी की मौत के मामले की चश्मदीद सना ने पहली बार सोमवार को चुप्पी तोड़ी. उसने मीडिया को घटना की पूरी कहानी बताई. सना ने बताया, "मैं घटना के वक्त विवेक के साथ ही गाड़ी में मौजूद थी. सर मुझे गाड़ी से घर छोड़ने जा रहे थे. रास्ते में सिपाही दिखाई दिए जो गुस्से में थे. इसलिए गाड़ी रोकना सही नहीं लग रहा था. हमारी कार सिपाहियों से टच भी नहीं हुई थी, हम लोगों की पुलिस के साथ कोई बहस भी नहीं हुई थी."

    सना ने कहा, "जिस वक्त गोली मारी गई थी, उस वक्त मेरे पास फोन नहीं था. इसलिए किसी को फोन नहीं कर पाई. गोली मारने के बाद सिपाही मौके से फरार हो गए. इसके कुछ देर बाद पुलिस आ गई. लेकिन घटनास्थल पर पुलिस ने एम्बुलेंस को बुलाने में देर की और जीप में विवेक सर को डालकर लोहिया हॉस्पिटल ले गई. लोहिया हॉस्पिटल में डॉक्टर ने देखकर बताया कि सांस चल रही है. डॉक्टर ने पुलिस को पीजीआई ले जाने को कहा. लोहिया हॉस्पिटल पहुंचने तक पुलिस ने विवेक सर के परिवार का सूचना नहीं दी थी."

    बता दें, उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने भी पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया था. पाठक ने कहा, "हत्या की एकमात्र गवाह को 17 घण्टे तक पुलिस हिरासत में रखा गया और सादे कागज पर उसके साइन लिए गए. उस तरह से एफआईआर दर्ज नहीं की गई जैसे कि होनी चाहिए थी. सना के बयान और एफआईआर में कोई समानता नहीं है. और इस मामले को निपटाने की कोशिश की गई."

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    Tags: Lucknow news, Up news in hindi, UP police, Uttarpradesh news, Vivek Tiwari Murder Case, लखनऊ

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