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यूपी में आज एक साथ 60 लाख बच्चे देंगे परीक्षा, ये रही असल वजह

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 8, 2019, 10:28 AM IST
यूपी में आज एक साथ 60 लाख बच्चे देंगे परीक्षा, ये रही असल वजह
यूपी में आज एक साथ 60 लाख बच्चे देंगे परीक्षा (फाइल फोटो)

शिक्षा विभाग के डीजी विजय किरण आनन्द ने बताया कि स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए ये जानना जरूरी है कि कौन सा इलाका या कौन सा स्कूल किस स्तर पर है. उसके बच्चे कितना जान पाये हैं. इस मूल्यांकन के बाद योजना बनाने में सहायता मिलेगी.

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लखनऊ. यूपी में शुक्रवार को एक साथ 60 लाख बच्चे परीक्षा देंगे. ये अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा होगी जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी भाग लेंगे. परीक्षार्थियों की संख्या के नजरिये से ये यूपी बोर्ड की होने वाली परीक्षा से भी बड़ी परीक्षा मानी जा रही है. कक्षा पांच से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चे इस परीक्षा में शामिल होंगे. इसका मकसद ये जानना है कि किस स्कूल के बच्चे किस हद तक जानकारी रखते हैं. मूल्यांकन के बाद उसी के हिसाब से तय किया जायेगा कि किस जगह पर कितनी मेहनत करनी होगी.
सभी कक्षाओं की परीक्षा में 50 बहुविकल्पी प्रश्न पूछे जायेंगे. ये प्रश्न हिन्दी, अग्रेजी,गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान पर आधारित होंगे. दो घण्टे की परीक्षा परीक्षा सुबह 10.30 से दोपहर 12.30 तक चलेगी. इसे बेसिक लाइन सर्वे का नाम दिया गया है.

स्कूली शिक्षा में सुधार 

शिक्षा विभाग के डीजी विजय किरण आनन्द ने बताया कि स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए ये जानना जरूरी है कि कौन सा इलाका या कौन सा स्कूल किस स्तर पर है. उसके बच्चे कितना जान पाये हैं. इस मूल्यांकन के बाद योजना बनाने में सहायता मिलेगी. साथ ही बीमारी के हिसाब से इलाज किया जा सकेगा. इस परीक्षा के जरिये ये भी पता चल जायेगा कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं की वास्तविक संख्या कितनी है. ये शिकायत बार बार सामने आती रही है कि वास्तविक संख्या से कहीं ज्यादा बच्चों का स्कूलों में दाखिला दिखाया जाता है. परीक्षा को नकलविहीन कराना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी. इसके लिए अधिकारियों की टीमों को जिलों में उतार दिया गया है जो परीक्षा केन्द्रों का औचक निरीक्षण करेंगे.

9 करोड़ से ज्यादा होंगे खर्च

परीक्षा के लिए प्रति छात्र लगभग 15 रूपये के खर्च का आकलन किया गया है. इस तरह यदि 60 लाख बच्चे परीक्षा में शामिल होते हैं तो खर्च 9 करोड़ के पार भी निकल सकता है. परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र और फिर उसकी ओएमआर शीट के परीक्षण के हिसाब से खर्च का आकलन किया गया है.

यूपी बोर्ड से ज्यादा होंगे परीक्षार्थी
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यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में हर साल लगभग 50 लाख बच्चे शामिल होते हैं और वह भी पूरी परीक्षा के दौरान लेकिन, इस परीक्षा में एक ही साथ उससे ज्यादा बच्चे शामिल होंगे. इस तरह से शिक्षा विभाग के लिए ये एक नया रिकार्ड होगा. सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए इसे एक प्रयोग के तौर पर किया जा रहा है. हालांकि इसका नतीजा क्या होगा कहना मुस्किल है क्योंकि तमाम प्रयासों के बावजूद सरकारी स्कूलों में दिनों दिन न सिर्फ पढ़ाई का स्तर गिर रहा है बल्कि छात्रों की उपस्थिति को लेकर भी बड़ा विवाद है. ये हाल तब है जब सरकार स्कूलों में मुफ्त ड्रेस, मुफ्त किताबें और मुफ्त खाना दे रही है. वजीफा भी अलग से मिलता है फिर भी नतीजा अब तक ढ़ाक के तीन पात ही रहा है.

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First published: November 8, 2019, 10:28 AM IST
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