अपना शहर चुनें

States

COVID-19: कोरोना का इलाज बायोलाॅजी की किताब में नहीं, सोशल मीडिया फाॅरवर्ड मैसेज महज अफवाह...

दुनिया भर में कोरोना वायरस का इलाज ढूंढा जा रहा है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दुनिया भर में कोरोना वायरस का इलाज ढूंढा जा रहा है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नोवल कोरोना वायरस के काफी सारे लक्षण सार्स-1 (Severe acute respiratory syndrome) से मिलते हैं. ऐसे में यह माना जा रहा है कि यह सार्स फैमिली का वायरस है जो कोविड-19 (Coronavirus disease) बीमारी फैला रहा है. दुनिया भर में इस बीमारी का इलाज खोजा जा रहा है और अभी तक इसकी कोई मुफीद दवा या वैक्सीन नहीं बनी है.

  • Share this:
लखनऊ. देश में मौजूदा समय में महामारी (Pandemic) कोरोना वायरस (Coronavirus) के 1637 मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में बढ़ते मामलों के साथ सोशल मीडिया (social media) पर इसके इलाज के उपायों की भी झड़ी लग गई है. कुछ सोशल मीडिया विद्वानों ने तो बायोलाॅजी (Biology) की किताब में दवा भी ढूंढ निकाली है. पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर एक मैसेज फॉरवर्ड हो रहा है. इस मैसेज को आधुनिक जन्तु विज्ञान की किताब के पेज नंबर 1072 में कोरोना के इलाज के रूप में फॉरवर्ड किया जा रहा है.

किताब में कोरोना वायरस के नीचे अंडरलाइन किया गया है और सबसे नीचे इस रोग के उपचार हेतु एस्पिरिन, एंटीहिस्टेमीन और नेजल स्प्रे को लेना लाभप्रद बताने वाली लाइन को भी अंडरलाइन कर फॉरवर्ड किया जा रहा है. जिस रफ्तार से मैसेज फॉरवर्ड किया जा रहा है अभी तक लाखों लोग इसे देख चुके होगें. ऐसे में न्यूज 18 ने एक्सपर्ट से पड़ताल कर इसके पीछे की सच्चाई जानी.

रखें रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत
मैसेज की पड़ताल के लिए News 18 संवाददाता ने केजीएमयू (KGMU) की माइक्रोबायॉलजी विभाग (Department of Microbiology) की हेड अमिता बाजपेयी से बात की. उन्होंने बताया कि एस्पिरिन, एंटीहिस्टेमीन और नेजल स्प्रे सर्दी-जुकाम से बचने का फौरी इलाज हो सकता है लेकिन यह कोरोना का इलाज नहीं है.
उन्होंने बताया कि आमतौर पर कोरोना शब्द वायरस की एक फैमिली को संबोधित करने का शब्द है. इसमें कई तरह के वायरस होते हैं. उन्होंने बताया नोवल कोरोना वायरस के काफी सारे लक्षण सार्स-1 से मिलते हैं. ऐसे में यह माना जा रहा है कि यह सार्स फैमिली का वायरस है जो कोविड-19 (Coronavirus disease) बीमारी फैला रहा है. उन्होंने बताया कि दुनियाभर में इस बीमारी का इलाज खोजा जा रहा है और अभी तक इसकी कोई मुफीद दवा या वैक्सीन नहीं बनी है. इसलिए ऐसे वाट्सएस के फॉरवर्ड मैसेज से बचें. डब्ल्यूएचओ (W.H.O.) की गाइडलाइन फॉलो करें और खुद को बचाएं अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें और पर्सनल हाईजीन का ख्याल रखें.



ये भी पढ़ें- COVID-19: यूपी सरकार ने राहत कार्यों के लिए जारी किया 1139 करोड़ का बजट
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज