सोनभद्र हत्याकांड: एक्शन में CM योगी आदित्यनाथ, DM और एसपी को हटाया

योगी ने नागपुर की चुनावी रैली में कहा कि, अब पाकिस्तान भी नागपुर से डर रहा है. जब पाक पीएम इमरान खान के पास कहने के लिए कुछ भी नहीं होता है तो वह नागपुर का नाम लेते हैं. (फाइल फोटो)
योगी ने नागपुर की चुनावी रैली में कहा कि, अब पाकिस्तान भी नागपुर से डर रहा है. जब पाक पीएम इमरान खान के पास कहने के लिए कुछ भी नहीं होता है तो वह नागपुर का नाम लेते हैं. (फाइल फोटो)

सोनभद्र हत्याकांड मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र जिले के डीएम अंकित कुमार अग्रवाल को हटा दिया है. सोनभद्र के डीएम-एसपी को जिले से हटाकर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है.

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सोनभद्र हत्याकांड मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र जिले के डीएम अंकित कुमार अग्रवाल को हटा दिया है. सोनभद्र के डीएम-एसपी को जिले से हटाकर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है. तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है.

सोनभद्र के एसपी सलमान ताज पाटिल पर भी हत्याकांड की गाज गिरी है. सोनभद्र के डीएम और एसपी को जिले से हटाकर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है. शनिवार देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई की गई है. अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने सोनभद्र हत्याकांड मामले की एक हजार पेज की जांच रिपोर्ट सौंपी हैं. 3 सदस्यीय जांच कमेटी प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चंद्रा और कमिश्नर मिर्जापुर एके सिंह भी शामिल थे. सीएम योगी ने वर्तमान उप जिला अधिकारी, वर्तमान क्षेत्राधिकारी, वर्तमान रजिस्ट्रार और तत्कालीन अधिकारियों के निलंबन के साथ उन पर एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया है.

एस. राम लिंगम डीएम और प्रभाकर चौधरी एसपी बनाए गए
एस. राम लिंगम सोनभद्र के डीएम बनाए गए हैं जबकि प्रभाकर चौधरी को सोनभद्र का नया एसपी बनाया गया है. अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार की अध्यक्षता में बनाई गई छह सदस्यों वाली कमेटी तीन महीने में सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपेगी. यह कमेटी मिर्जापुर और सोनभद्र की जमीनों को हड़पने के मामले की जांच करेगी.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, '17 जुलाई को सोनभद्र के घोरावल में स्थित उम्भा गांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई थी और 21 जुलाई को मैं खुद वहां गया था.' उन्होंने बताया कि 10 अक्टूबर 1952 को आदर्श कृषि सहकारी समिति कांग्रेस के पूर्व एमएलसी महेश्वर प्रसाद नारायण सिंह और दुर्गाप्रसाद राय ने गठित की थी. 1989 में सोसायटी की भूमि को गैरकानूनी तरीके से व्यक्ति विशेष के नाम पर स्थानांतरित करने के बाद से ही इस विवाद की शुरुआत हुई थी.



रिपोर्ट - अजीत प्रताप सिंह 

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