यूपी में गठबंधन पर संकट के बादल, 11 सीटों पर अकेले उपचुनाव लड़ेगी BSP!

सूत्रों की मानें तो पार्टी पदाधिकारियों से मिले फीडबैक के बाद मायावती ने समीक्षा बैठक में कहा कि चुनावों में गठबंधन का वोट ट्रांसफर नहीं हुआ. इसलिए गठबंधन को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 3, 2019, 3:32 PM IST
यूपी में गठबंधन पर संकट के बादल, 11 सीटों पर अकेले उपचुनाव लड़ेगी BSP!
बसपा सुप्रीमो मायावती की फाइल फोटो
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Updated: June 3, 2019, 3:32 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019 में सपा के साथ गठबंधन के बावजूद उम्‍मीद के अनुसार नतीजे न आने से नाखुश बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी की मीटिंग में कहा है कि यूपी के 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में उनकी पार्टी अकेले लड़ेगी. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के सेंट्रल ऑफिस में सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में मायावती गठबंधन से नाखुश नजर आईं. उन्होंने कहा कि गठबंधन से पार्टी को फायदा नहीं हुआ. यादव का वोट हमारी पार्टी को ट्रांसफर नहीं हुआ.

सूत्रों की मानें, तो बीएसपी पदाधिकारियों से मिले फीडबैक के बाद मायावती ने बैठक में कहा कि गठबंधन का वोट चुनावों में ट्रांसफर नहीं हुआ. लिहाजा आगामी उपचुनाव में बीएसपी अकेले ही लड़ेगी. बता दें कि लोकसभा चुनाव में बीएसपी के 11 प्रत्‍याशी संसद पहुंचे हैं, जिसके बाद खाली हुई सीटों पर छह महीने के भीतर चुनाव होने हैं.

2019 लोकसभा चुनाव में बीएसपी को संतोषजनक सीटें न मिलने और कुछ प्रदेशों में करारी हार को लेकर मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की अखिल भारतीय स्तर पर मीटिंग बुलाई. यूपी के सभी बसपा सांसदों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक में मायावती ने कहा कि पार्टी सभी विधानसभा उपचुनाव में लड़ेगी और अब 50 फीसदी वोट का लक्ष्य लेकर राजनीति करनी है. मायावती ने ईवीएम में धांधली का भी आरोप लगाया.

आमतौर पर उपचुनाव नहीं लड़ती बसपा

जानकारों की मानें, तो उपचुनाव लड़ने का फैसला चौंकाने वाला है, क्योंकि बसपा के इतिहास को देखें तो पार्टी उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारती है. वर्ष 2018 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारे थे और सपा को समर्थन दिया था. इसी आधार पर लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन बना, लेकिन परिणाम मनमाफिक नहीं आए. अब अगर मायावती अकेले उपचुनाव में उतरने का फैसला करती हैं तो गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठाना लाजमी है.

38 सीटों पर बसपा ने उतारे थे प्रत्याशी

गौरतलब है कि सपा से गठबंधन के तहत बसपा ने यूपी में 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें सिर्फ 10 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई. जबकि 37 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली सपा के खाते में महज पांच सीटें ही आईं.
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EVM पर भी फोड़ा ठीकरा

उधर, बैठक के बाद यूपी बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा. उन्होंने कहा कि 'ईवीएम घोटाले' की वजह से अनुकूल नतीजे नहीं आए. कुशवाहा ने कहा कि ईवीएम को लेकर पार्टी ने पहले भी आवाज उठाई थी और आगे भी उठाती रहेगी.

महागठबंधन की हुई समीक्षा

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज (3 जून) दिल्ली में यूपी के सांसदों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों, जोनल इंचार्जों और जिलाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आरएस कुशवाहा ने कहा कि आज की बैठक में महागठबंधन की समीक्षा की गई. साथ ही ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठा. उन्होंने कहा कि बसपा की मांग है कि बैलट पेपर से चुनाव हो. कुशवाहा ने कहा कि बैठक में आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई.

श्रावस्ती से नवनिर्वाचित बसपा सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने ईवीएम घोटाले का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है. हम लोग पहले से कह रहे हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए, जिसे न तो चुनाव आयोग मान रहा है, न सरकार मान रही है. हम चाहते हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए, जो निष्पक्ष हो. बहनजी जो भी दिशा-निर्देश देंगी, हम उसका पालन करेंगे.

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First published: June 3, 2019, 3:03 PM IST
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