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जीत के लिए 'बदला नंबर 2' के फार्मूले पर चला सपा-बसपा गठबंधन

(फाइल फोटो- अखिलेश यादव के साथ मायावती)

(फाइल फोटो- अखिलेश यादव के साथ मायावती)

सीटों के बटवारे पर फौरी नजर डालें तो दोनों दलों ने जीताऊ उम्मीदवार और वोट बैंक देखते हुए तय फार्मूले में ढ़ील दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 21, 2019, 6:55 PM IST
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लंबे इंतजार के बाद बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी में सीटों का बंटवारा हो गया है. गठबंधन की शर्तों के अनुसार समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को 38-38 सीटें मिलनी थीं,  राष्ट्रीय लोक दल(आरएलडी) के लिए 2 और कांग्रेस के लिए 2 सीटें छोड़ी जानी थीं लेकिन एसपी ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के ऐलान के क्रम में अपने हिस्से की एक और सीट राष्ट्रीय लोक दल के ले छोड़ दी है और उसने अपने खाते में 37 सीटें रखी हैं.

सीटों के बंटवारे पर फौरी नजर डालें तो दोनों दलों ने जीताऊ उम्मीदवार और वोट बैंक देखते हुए तय फार्मूले में ढील दी है. सीटों के गणित को देखे तो समाजवादी पार्टी के खाते में ऐसी 13 सीटें आई हैं जहां पर वह 2014 के लोकसभा चुनाव में नंबर 2 पर नहीं थी.

(यह भी पढ़ें: UP में गठबंधन के सीटों का ऐलान, इन सीटों पर सपा-बसपा मिलकर लड़ेगी चुनाव)



इनमें से हाथरस, खीरी, हरदोई, मिर्जापुर, बांदा, राबर्टसगंज, महाराजगंज, चंदौली ये 9 सीटें बहुजन समाजपार्टी के कोटे से बीएसपी के कोटे में आई है जबकि गाजियाबाद, कानपुर, बाराबंकी की सीटों पिछले चुनाव में कांग्रेस नंबर 2 पर रही थी प्रधानंमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाराणसी सीट पिछले चुनाव में अरविंद केजरीवाल नंबर 2 पर रहे थे.
इसी तरह बीएसपी को कोटे में 14 ऐसी सीटें आई हैं जहां पार्टी पिछले चुनाव में नंबर 2 पर नहीं थी. बिजनौर, नगीनै, अमरोहा, गौतमबुद्धनगर, आवला, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, कैसरगंज, श्रावस्ती, बस्ती, लालगंज, गाजीपुर, भदोही इन तेरह सीटों पर समाजवादी पार्टी 2014 के लोकसभा चुनावों में नंबर 2 पर थी जबकि बीएसपी के कोटे में आई सहारनपुर सीट पर कांग्रेस नंबर 2 पर थी.

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दरअसल एसपी-बीएसपी में पहले यह तय हुआ था कि जो पार्टी नंबर 2014 के चुनाव में जीती हो या नंबर 2 पर रही हो उनकी पहली दावेदारी होगी लेकिन इसके साथ ये भी शर्त थी कि एक मंडल में हर दल को कम से कम 2 लोकसभा सीटें जरुर दी जाएगी लेकिन दोनों दलों ने इस नियम में ढील देकर चुनाव में जीत को सबसे पहली प्राथमिकता मानी.

नरेश अग्रवाल जब तक एसपी में रहे हरदोई पार्टी की परंपरागत सीट रही ऐसे में इस सीट को बीएसपी के नंबर 2 होने के बाद भी एसपी के खाते में डाल दिया गया इसी तरह बिजनौर, नगीना,लालगंज की सीटें जहां बीएसपी पिछले चुनावों में मजबूत रही है एसपी ने बीएसपी के लिए छोड़ दी है.

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