बंगले में तोड़फोड़ पर अखिलेश यादव की सफाई- 'जो चीजें मेरी थीं, मैं ले गया'

प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव टोटी लेकर पहुंचे. उन्होंने कहा कि बंगले को मैंने अपनी पसंद से बनवाया था. आज भी वहां पर जो वुडेन फ्लोरिंग लगी है, मंदिर है और अन्य चीजें हैं, जो मैंने अपने पैसे से लगवाई हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 13, 2018, 3:06 PM IST
बंगले में तोड़फोड़ पर अखिलेश यादव की सफाई- 'जो चीजें मेरी थीं, मैं ले गया'
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
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Updated: June 13, 2018, 3:06 PM IST
उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सरकारी बंगले खाली कर दिए हैं. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खाली किए बंगले को लेकर रार थमने का नाम नहीं ले रही है. अखिलेश यादव पर बंगले में तोड़फोड़ और क्षतिग्रस्त करने के आरोप लगे. मामले में राज्यपाल राम नाईक ने भी सीएम योगी को पत्र लिखकर मामले को गंभीर माना और जांच के लिए कहा है. उधर मामले में बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर सफाई दी, साथ ही योगी सरकार पर बदले की राजनीतिक आरोप लगाया. यही नहीं अखिलेश यादव ने इशारों-इशारों में सरकारी अधिकारियों की खिंचाई भी की.

प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव टोटी लेकर पहुंचे. उन्होंने कहा कि बंगले को मैंने अपनी पसंद से बनवाया था. आज भी वहां पर जो वुडेन फ्लोरिंग लगी है, मंदिर है और अन्य चीजें हैं, जो मैंने अपने पैसे से लगवाई हैं.

तोड़फोड़ की खबरों पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनके द्वारा बंगला खाली करने के बाद सीएम योगी के ओएसडी अभिषेक और आईएएस अफसर मृत्युंजय नारायण वहां गए थे. मैं पूछना चाहता हूं कि वह क्या करने गए थे? ये लोग फोटोग्राफर लेकर गए थे.

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अखिलेश ने कहा कि बंगले में वुडेन फ्लोरिंग के साथ ही तमाम चीजें अभी भी जस की तस हैं. ​एक टूटे हुए कोने की तस्वीर इस तरह से खींची गई कि लगे कि पूरा बंगला ही खराब कर दिया गया.

उन्होंने कहा कि लोग प्यार में अंधे होते होंगे पर जलन और नफरत में अंधे होते हैं ये मैंने देखा है. अखिलेश ने कहा कि टोटी कौन तोड़ता है. अफीमची या भांग खाने वाला. वह अफीमची कौन था, जो टोटी तोड़ने गया. सपा मुखिया ने कहा कि जो मेरी चीज थी, वह मैं लेकर गया. अगर सरकारी दस्तावेज में ये सभी चीजें दर्ज हैं तो मुझे दिखाएं. अखिलेश यादव ने इसे गोरखपुर, फूलपुर और कैराना की हार का बदला बताया.

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राज्यपाल की सीएम योगी पर चिट्ठी पर अखिलेश यादव ने कहा कि सोए हुए लोग भी जाग गए. जिन्होंने प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री पर रिश्वत के आरोप की चिट्ठी लिखी थी, उसमे क्या हुआ? अखिलेश ने कहा कि हम तो बच्चों को अपने पैसे से लैपटॉप दे रहे हैं. हम पर टोटी का आरोप लगा रहे हैं. सरकार जाने के बाद यही अधिकारी आपके आवास से चिलम ढूढ़ के लाएंगे. उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाएंगे जनता जवाब देगी.

अखिलेश ने कहा कि हमारा और मायावती का घर खाली करा दिया, जनता इन्हें सबक सिखाएगी. गांधी जी का भी अपमान किया गया था. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करता हूं, पर सरकारें षड्यंत्र करती हैं. अखिलेश ने कहा कि मेरे घर में कोई स्वीमिंग पूल नहीं था. सरकारें कागज से चलती हैं, तो कागज़ से कागज़ मिला लो.

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बता दें इससे पहले उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मंगलवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खाली किये गये सरकारी आवास में तोड़फोड़ के प्रकरण में कानून के अनुसार समुचित कार्रवाई की जाए. राजभवन के एक प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल ने पत्र में उल्लेख किया, 'अखिलेश यादव को चार, विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित आवास को खाली किये जाने से पूर्व उसमें की गई तोड़फोड़ और उसे क्षतिग्रस्त किये जाने का मामला मीडिया व जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है.'

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पत्र में कहा गया, 'यह एक नितान्त अनुचित और गम्भीर मामला है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गये शासकीय आवास राज्य सम्पत्ति के कोटे में आते हैं, जिनका निर्माण व रख-रखाव सामान्य नागरिकों द्वारा दिये जाने वाले विभिन्न प्रकार के करों से होता है.' उन्होंने कहा कि राज्य सम्पत्ति को क्षति पहुंचाये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विधि अनुसार समुचित कार्रवाई की जाये.

राज्यपाल ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के उपरान्त उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्य सरकार द्वारा आवंटित आवासों को रिक्त किये जाने के प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सम्पत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर जानकारी ली. प्रवक्ता के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवासों की वीडियोग्राफी कराई गई है और चार, विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी आवास में तोड़फोड़ होने की बात भी सामने आई है.

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