1 यूनिट बिजली न पैदा कर सकी BJP सरकार, अब निजीकरण की आड़ में खत्म कर रही रोजगार: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि विद्युत आपूर्ति गांव में लगभग 10 घंटा और शहरों में 15 घंटा से ज्यादा कभी नहीं मिल पाई, उपभोक्ताओं को लम्बे-लम्बे बिल पकड़ाकर परेशान किया जा रहा है. राजधानी लखनऊ में भी बिजली की आवाजाही बढ़ गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 6:19 PM IST
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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूपी में बिजली कर्मचारियों (Electricity Employee) की चल रही हड़ताल (Strike) को लेकर योगी सरकार (Yogi Government) पर हमला बोला है. अखिलेश यादव ने कहा है कि यूपी में 15 लाख विद्युतकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं. भाजपा सरकार निजीकरण की आड़ में रोजगार खत्म कर रही है. उन्होंने मांग की कि सरकार यह प्रस्ताव वापस ले.

लंबे-लंबे बिल पकड़ाकर उपभोक्ताओं को कर रहे परेशान

उन्होंने कहा विद्युत क्षेत्र में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही गड़बड़ी होनी शुरू हो गई. साढ़े तीन वर्षों में एक यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं हुआ. विद्युत आपूर्ति गांव में लगभग 10 घंटा और शहरों में 15 घंटा से ज्यादा कभी नहीं मिल पाई, उपभोक्ताओं को लम्बे-लम्बे बिल पकड़ाकर परेशान किया जा रहा है. राजधानी लखनऊ में भी बिजली की आवाजाही बढ़ गई है. पानी की किल्लत भी है.



अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमराई
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार शासन चलाने के बजाय देश के साधनों-संसाधनों का बाजार लगा रही है. निजीकरण से वह युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बेचने में लगी है. इसके दुष्प्रभावों के बारे में भाजपा नहीं सोच रही है. उसे शासन चलाने में अपनी असफलता मान लेनी चाहिए. उसकी अपनी आर्थिक कुनीतियों के चलते अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है. स्थिति उसके नियंत्रण में नहीं रह गई है इसलिए वह जल्दी से जल्दी सरकारी सेवाओं को निजी हाथों में सौंप कर अपना राजनीतिक स्वार्थ साधन करते हुए बाहर निकलने का मौका चाहती है.

हर जगह निजीकरण कर रही सरकार

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार टोल, मंडी, आईटीआई, पॉलीटेक्नीक, सरकारी माल, हवाई अड्डा, रेल और बीमा कम्पनियों के निजीकरण की दिशा में कदम उठा रही हैं. रेलवे अस्पतालों को बेचने के लिए टेंडर मांगे जा रहे हैं. सेवानिवृत्ति के बाद खाली पदों में 50 प्रतिशत पदों को समाप्त किए जाने का फैसला हो चुका है. सरकारी बैंकों की संख्या 12 से 5 करने की तैयारी है. सरकार बैंकों की हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को बेचने की तैयारी कर रही है. बीमा कम्पनियों पर भी तिरछी नज़र है. एयरपोर्ट को पहले ही निजी हाथो में दिया जाना तय हो चुका है.

विधानसभा उपचुनाव में जनता देगी जवाब

अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोना संकट में लॉकडाउन के चलते लाखों श्रमिकों की जिंदगी में अंधेरा छा गया. भाजपा सरकार अपनी एकाधिकारी मानसिकता के चलते नौजवानों, राज्यकर्मचारियों, व्यापारियों की आवाज सुनने के बजाय उनके दमन में विश्वास रखती है. उसके इस रवैये से जनता में भारी आक्रोश है. विधानसभा के होने वाले उपचुनावों में ही उसे जनता करारा सबक सिखा देगी.

उत्तर प्रदेश पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने सपा को सौंपा ज्ञापन

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सम्बोधित ज्ञापन राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी को उत्तर प्रदेश पावर आफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल ने सौंपा. ज्ञापन में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के सरकारी निर्णय की खिलाफत है. ज्ञापन में कहा गया है कि निजीकरण कभी उपभोक्ता हित में नहीं रहा. विभाग को इससे नुकसान ही हुआ है. आगरा में टोरंटो कम्पनी को काम सौंपा गया तो लगभग 2200 करोड़ रूपए पुराना बिजली का बिल उसने दबाकर रख लिए. वह लगातार अनुबंध का उल्लंघन कर रही है. इस पर पावर कारपोरेशन की चुप्पी समझ में नहीं आती.

उत्तर प्रदेश पावर आफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल में कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के साथ उपाध्यक्ष एसपी सिंह, अतिरिक्त महासचिव अनिल कुमार, संगठन सचिव अजय कुमार तथा सचिव श्री आरपी केन शामिल थे. उन्होंने कहा हम फीडर वाइज 15 प्रतिशत एटीएनसी लॉस को लाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने अखिलेश यादव से निजीकरण प्रक्रिया पर रोक लगाने में अपने प्रभाव का प्रयोग करने की अपील की है.
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