जीत के बाद माया से मिले अखिलेश, कहा- Thankyou 'बुआ'!

अखिलेश ने कहा कि हमने कभी खुद को बैकवर्ड नहीं समझा. लेकिन सपा और बसपा के लिए कहा गया कि सांप और छछूंदर का गठबंधन हुआ है. चोर-चोर मौसेरे भाई सहित न जाने क्या-क्या नहीं कहा गया.

News18Hindi
Updated: March 15, 2018, 9:39 AM IST
जीत के बाद माया से मिले अखिलेश, कहा- Thankyou 'बुआ'!
अखिलेश यादव (Photo: ANI)
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Updated: March 15, 2018, 9:39 AM IST
उत्तर प्रदेश उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP) की जोड़ी काम कर गई. बुआ (मायावती) और भतीजे (अखिलेश) ने बीजेपी को करारी शिकस्त दी है. बीएसपी समर्थित सपा उम्मीदवारों ने सीएम योगी की गोरखपुर सीट और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की पिछली बार जीती गई फूलपुर सीट बीजेपी से छीन ली. इस ऐतिहासिक जीत के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बुआ मायावती से मिलने उनके आवास पहुंचे और उपचुनाव में साथ देने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया.

गोरखपुर और फूलपुर सीटों के नतीजे आने के कुछ देर बाद अखिलेश यादव 5 विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने आवास से माल एवेन्यू स्थित मायावती के आवास पहुंचे. दोनों पार्टियों के प्रमुखों की यह मुलाकात करीब 23 साल बाद हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मायावती और अखिलेश एक-दूसरे से काफी गर्मजोशी से मिले.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो अखिलेश अपने साथ एक बुके लेकर गए थे. माल एवेन्यू पहुंचते ही उन्होंने मायावती को बुके भेंट किया और औपचारिक तौर पर प्रणाम बुआ कहा.



गेस्ट हाउस कांड ने बढ़ाई थी दूरियां
बता दें कि 1995 के बहुचर्चित 'गेस्ट हाउस' कांड के बाद बीएसपी और सपा के बीच दूरियां बढ़ गई थी. दरअसल, 1995 में लखनऊ के एक गेस्ट हाउस में मायावती अपने पार्टी पदाधिकारियों के साथ मीटिंग कर रही थी, तभी गेस्ट हाउस के बाहर सपा कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया था और माया गेस्ट हाउस में फंस गई थीं. बाद में पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला था. इस घटना के बाद मायावती ने सपा पर कई आरोप लगाए थे. फिर दोनों पार्टियां एक दूसरे की दुश्मन बन बैठी थी.

हालांकि, 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में हार के बाद उपचुनाव में बुआ-भतीजा एक बार फिर पास आए और कमल को खिलने से रोक दिया.

उपचुनाव में साथ देने के लिए अखिलेश ने कहा- थैंक्यू बुआ
उपचुनाव में जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने साथ देने के लिए मायावती को थैंक्यू भी कहा. सपा अध्यक्ष ने इस जीत को सामाजिक न्याय का राजनीतिक संदेश देती जीत करार दिया है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, पीस पार्टी, वामदल सहित तमाम सहयोगी दलों का आभार, जिन्होंने सपा प्रत्याशी का समर्थन दिया.

अखिलेश ने कहा कि मतगणना के जो आंकड़े आ रहे हैं, वह बता रहे हैं कि दोनों लोकसभा के लाखों लोगों ने समाजवादी पार्टी को समर्थन दिया है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इस उपचुनाव से राजनीतिक संदेश निकलता है. इस चुनाव में एक मुख्यमंत्री का क्षेत्र था, तो दूसरा उपमुख्यमंत्री का क्षेत्र था. अगर यहां जनता में इतनी नाराजगी है तो आने वाले समय में परिणाम का अंदाजा लगाया जा सकता है.


ये जीत सामाजिक न्याय की जीत
अखिलेश ने कहा कि सदन में ये कहा जा रहा है कि मैं हिंदू हूं, मैं ईद नहीं मनाता हूं. अखिलेश ने कहा कि हमने कभी खुद को बैकवर्ड नहीं समझा. लेकिन सपा और बसपा के लिए कहा गया कि सांप और छछूंदर का गठबंधन हुआ है. चोर-चोर मौसेरे भाई सहित न जाने क्या-क्या नहीं कहा गया. आखिर में समाजवादी पार्टी को औरंगजेब की पार्टी ही कह दिया गया. अखिलेश ने कहा ​कि मुझे खुशी है कि गरीब, नौजवानों, किसानों ने इसका जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि ये कहीं न कहीं सामाजिक न्याय की जीत भी है. अखिलेश ने कहा कि आबादी में जो ज्यादा हों, मेहनत करने वाले हों. उन्हीं को कीड़े-मकौड़े कह दिया गया.

जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश का संकल्प पत्र बना, उस एक भी वादे पर बीजेपी खरी नहीं उतरी है. यही कारण है कि उन्हें ये जवाब मिला है. अखिलेश ने कहा कि हमारे दोनों नौजवान प्रत्याशियों को बधाई देता हूं. उन्होने एक सामाजिक न्याय का एक राजनीतिक संदेश दिया है.

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