UP CM के टोपी वाले बयान पर सियासत तेज, सपा MLC का ट्वीट- रावण ने एक योगी का भेष बदलकर...

सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने मुख्यमंत्री के टोपी वाले बयान पर ट्वीट किया है.

सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने मुख्यमंत्री के टोपी वाले बयान पर ट्वीट किया है.

Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा टोपी को लेकर दिए गए बयान पर सियासत तेज हो गई है. मामले में सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने ट्वीट कर जवाबी हमला बोला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 3:26 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा (UP Assembly) के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Cm Yogi Adityanath) ने विपक्षी सदस्यों की टोपियों पर तंज किया. उन्होंने कहा कि विभिन्न रंग की टोपियां ड्रामा कंपनी की तरह लगती हैं. ढाई साल का बच्चा टोपी पहने व्यक्ति को गुंडा समझता है. नेता प्रतिपक्ष पगड़ी पहनकर आते तो मैं आपका स्वागत करता. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी सदस्य भड़क गए. मामले में समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह साजन (Sp MLC Sunil Singh Sajan) ने ट्वीट कर अब जवाबी हमला बोला है.

सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने ट्वीट किया है, “सदन में लाल, पीली, नीली, हरी टोपी वालों को देख जिन्हें नाटक कंपनी याद रही है. उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि रावण ने भी एक योगी का भेष बदल कर सिया का अपहरण कर लिया था. सत्ताधीन हर बेहरुपीये को रावण का अंत याद रखना चाहिए.”

बता दें सदन में सीएम योगी ने नेता विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कि नेता विपक्ष अच्छे आदमी है, लेकिन गलत पार्टी में होने के कारण भटक जाते हैं. सदन में विभिन्न रंगों की टोपियां ड्रामा कंपनी की तरह लगती हैं. ढाई साल का बच्चा टोपी पहने व्यक्ति को गुंडा समझता है. नेता प्रतिपक्ष पगड़ी पहनकर आते तो मैं आपका स्वागत करता. नेता प्रतिपक्ष को टोपी लगाने से परहेज करना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष को इस उम्र में टोपी लगाकर आना शोभा नहीं देता है.

सपा एमएलसी का  ट्वीट


सीएम ने अज्ञेय की पंक्ति का जिक्र किया

इस दौरान सीएम योगी ने सदन में अज्ञेय की पंक्तियों के जिक्र किया- ‘सर्प तुम कभी नगर नहीं गए, नहीं सीखा तूने वहां बसना, तो फिर कहां से विष पाया, कहां सीखा डासना.’ सीएम ने कहा कि राज्य के प्रति सिर्फ सत्ता पक्ष का ही नहीं विपक्ष का भी दायित्व है. एनसीआरबी के आंकड़ों को तोड़-मरोड़ कर प्रदेश को बदनाम करते हैं. राज्यपाल का कम से कम महिला होने के नाते सम्मान किया जाना था.



अयोध्या जाने से क्यों डर लगता है?

साथ ही उन्होंने कहा कि सदन में हुई चर्चा में शामिल सभी सदस्यों का स्वागत करता हूं. नेता प्रतिपक्ष अपने घर बलिया भी सीधे नहीं जाते. नेता प्रतिपक्ष को पता नहीं क्यों अयोध्या जाने से डर लगता है? नेता प्रतिपक्ष के बीमार होने पर हमने खुद लगातार संवाद किया. बीमारी के चलते ही मैने उनसे सदन में कम बोलने का निवेदन किया था.
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