मायावती संग गठबंधन फेल होने पर बोले अखिलेश- प्रयोग किया था, जरूरी नहीं कि सफल हो

दरअसल, अखिलेश यादव ने यही बात मंगलवार को गाजीपुर में कही थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन के टूटने के बारे में जानकारी नहीं है, अगर मायावती अकेले चुनाव लड़ने जा रही हैं तो सपा भी अपने नेताओं से बात करके अकेले ही चुनाव लड़ेगी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 6, 2019, 7:24 PM IST
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लोकसभा चुनाव के बाद बसपा से गठबंधन टूटने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि इंजीनियरिंग का एक छात्र होने के नाते प्रयोग किया था. यह जरूरी नहीं कि प्रयोग सफल हो. ईद के मौके पर ऐशबाग स्थित ईदगाह पर लोगों को मुबारकबाद देने पहुंचे अखिलेश ने मीडिया से बातचीत में ये बात कही.

गठबंधन टूटने के सवाल पर उन्होंने कहा, "मायावती जी के लिए जो बात मैंने पहले दिन कही थी कि उनका सम्मान हमारा है, आज भी अपनी वहीं बात कहता हूं. अगर अब रास्ते खुले हैं तो आने वाले उपचुनावों में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करके आगे की रणनीति पर चर्चा करूंगा. इंजीनियरिंग का छात्र रहा हूं, प्रयोग किया था जरूरी नहीं कि हर एक प्रयोग सफल हो."

दरअसल, अखिलेश यादव ने यही बात मंगलवार को गाजीपुर में कही थी. उन्होंने कहा था कि गठबंधन के टूटने के बारे में जानकारी नहीं है, अगर मायावती अकेले चुनाव लड़ने जा रही हैं तो सपा भी अपने नेताओं से बात करके अकेले ही चुनाव लड़ेगी.

अखिलेश यादव गाजीपुर में सपा कार्यकर्ता की हुई हत्या के बाद परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे थे. उन्होंने कहा, "गाजीपुर में सपा नेता मार दिया जाता है. आरोपी नहीं पकड़े जाते. लेकिन अमेठी में बीजेपी के नेता की हत्या होने पर ऐसा नहीं होता. चुनाव अमीरी-गरीबी के मुद्दे पर नहीं हुए, लेकिन आगे जनता जरूर सोचेगी कि अमीर और अमीर होता जा रहा है गरीब और गरीब होता जा रहा है."

गाजीपुर में क्या कहा अखिलेश यादव ने


गाजीपुर में एसपी कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा, "लोकसभा चुनाव के बाद सबसे ज्यादा राजनैतिक हत्याएं हो रही हैं. गठबंधन को लेकर यही कहूंगा कि अगर गठबंधन टूटा है तो उस पर बहुत सोच-समझकर विचार करूंगा. हम कुछ कहें, कोई कुछ कहे, आप आंकलन करें. उपचुनाव की तैयारी एसपी भी करेगी. 11 सीटों पर वरिष्ठ नेताओं से राय-मशविरा करके पार्टी चुनाव लड़ेगी. रास्ते अलग-अलग हैं तो उसका भी स्वागत और सबको बधाई."
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दरअसल, गाजीपुर में एसपी कार्यकर्ता विजय यादव की हत्या हो गई थी. अखिलेश ने कहा कि गठबंधन जरूरी नहीं है. मेरे लिए जरूरी है जिसकी हत्या हुई है उसे न्याय मिले. समाजवादी सरकार थी तो मदद होती थी आज मदद नहीं हो रही है लोगों की. यह सरकार कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रही है. आजमगढ़ से गाजीपुर रवाना होने से पहले भी अखिलेश ने गठबंधन से अलग होने के संकेत देते हुए कहा था कि 2022 में यूपी में एसपी की सरकार बनेगी.

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First published: June 5, 2019, 1:51 PM IST
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