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बाबा साहेब का सम्‍मान करें, अंबेडकर नहीं आंबेडकर लिखा जाए : राम नाईक


Updated: December 8, 2017, 6:39 AM IST
बाबा साहेब का सम्‍मान करें, अंबेडकर नहीं आंबेडकर लिखा जाए : राम नाईक
राज्यपाल राम नाइक.

Updated: December 8, 2017, 6:39 AM IST
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कई कारणों से डॉ. आंबेडकर का नाम लिखने का तरीका गलत ढंग से प्रचलित है.

उन्होंने कहा कि 'भारत का संविधान' की मूल प्रतिलिपि (हिंदी संस्करण) के पृष्ठ 254 पर डॉ. आंबेडकर द्वारा हस्ताक्षर में अपना नाम 'डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर' लिखा गया है, जबकि आम तौर से लोग 'डॉ. भीमराव अंबेडकर' लिखते हैं, जो शुद्ध नहीं है.

नाईक ने कहा कि वैसे ही अंग्रेजी में भाषा में भी उनका नाम सही ढंग से नहीं लिखा जाता . Dr. 'Bhim Rao Ambedkar' लिखने के स्थान पर Dr. 'Bhimrao Ambedkar' या Dr. 'B.R. Ambedkar' लिखना चाहिए. राज्यपाल ने कहा कि बाबा साहब के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उनका नाम वैसे ही लिखे जैसे उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं.

राज्यपाल ने बताया, "उन्होंने इसी दृष्टि से 'डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा' का नाम 'डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा' करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी प्रेषित किया है. मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शीघ्र कार्यवाही करने की बात कही है."

नाईक डॉ. आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आंबेडकर महासभा द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा, "बाबा साहब ने मुश्किल हालात में उच्च शिक्षा ग्रहण की तथा अनेक भूमिकाओं में अपनी सेवाएं देश को दी. संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष के नाते संविधान को शब्द देना, सबको साथ लेकर चलना तथा समन्वय करके प्रारूप बनाना मुश्किल काम था, जिसे युगों तक भारतवासी याद रखेंगे. संविधान के शिल्पी बाबा साहब ने सबको समान अवसर, न्याय और मतदान का अधिकार भी दिया."

इस अवसर पर आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष लालजी निर्मल ने भी अपने विचार रखे. राज्यपाल ने इस अवसर पर यह भी बताया कि बाबा साहब को दीक्षा देने वाले बौद्ध धर्म गुरू प्रज्ञानन्द जी को आदरांजलि व्यक्त करने के लिए आगामी 15 दिसम्बर को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का लखनऊ आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है. इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निवारण एवं सशक्तीकरण केन्द्र का उद्घाटन भी किया गया.

इस मौके पर मुख्यमंत्री उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, मंत्री आशुतोष टंडन, मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, राज्यमंत्री स्वाती सिंह सहित अन्य मंत्रिगण व आंबेडकर महासभा के अध्यक्ष लालजी निर्मल उपस्थित रहे.

 
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