अयोध्या: राम मंदिर के पास बने सिख गुरुओं का स्मारक, PM मोदी को लिखा पत्र
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अयोध्या: राम मंदिर के पास बने सिख गुरुओं का स्मारक, PM मोदी को लिखा पत्र
राम मंदिर के पास बने सिख गुरुओं का स्मारक (file photo)

परविंदर सिंह ने आगे लिखा है अयोध्या की पवित्र स्थल पर साहिब श्री गुरु नानक देव जी (Guru Nanak ji) महाराज साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज और साहिब श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के भी चरण पड़े हैं.

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अयोध्या. 5 अगस्त को अयोध्या में होने वाले रामलला (Ramlala) के भूमि पूजन की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रहा है. उधर, अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर निर्माण स्थल के पास सिख गुरुओं की स्मृति में एक स्मारक बनाने की मांग राज्य अल्पसंख्यक आयोग (State Minority Commission) के सदस्य परविंदर सिंह ने की हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा,' उत्तर प्रदेश सिख समाज के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आयोध्या की पवित्र भूमि पर श्री राम जन्म स्थली पर पवित्र मंदिर का निर्माण प्रारंभ होने जा रहा है. जिसका भूमि पूजन आपके द्वारा 5 अगस्त को किया जाना सुनिश्चित किया गया है .यह संपूर्ण विश्व के सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले सभी वर्गों के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है.

परविंदर सिंह ने आगे लिखा है अयोध्या की पवित्र स्थल पर साहिब श्री गुरु नानक देव जी महाराज साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज और साहिब श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के भी चरण पड़े हैं. सन 1672 में साहिब श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज श्री राम जन्मभूमि गए थे और उन्होंने निहंग सिखों का एक बड़ा जत्था अयोध्या श्री राम जन्म भूमि को मुगलों से आजाद कराने के लिए भेजा था. गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड साहिब में श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के साक्ष्य अभी भी उपरोक्त घटना का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं.

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इसके साथ ही 1858 में निहंग सिंह फकीर और उनके साथियों के ऊपर श्री राम जन्मभूमि परिसर में हवन व पूजन करने पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी. माननीय ऐसा पवित्र स्थल जहां प्रभु श्री राम के भव्य एवं विशाल मंदिर का निर्माण हो रहा है, इसके पास किसी स्थल पर सिख गुरुओं की स्मृति में दिए कि स्मारक का निर्माण किए जाने से संपूर्ण सनातन समाज में भाईचारे एवं सद्भाव का एक अति उत्तम संदेश जाएगा. अतः आपसे सादर निवेदन है कि सिख गुरुओं के त्याग और बलिदान को दृष्टिगत रखते हुए सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया की सूक्ति को दृढ़ करते हुए एक पवित्र स्मारक का निर्माण हेतु अपनी अनुमति प्रदान करने की कृपा करें.
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