Union Budget 2018-19 Union Budget 2018-19

टीडीएस घोटाले में फंसे कर्मचारी ने की आत्महत्या, सीबीआई फाइल करने वाली थी चार्जशीट

Santosh Kumar | ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 17, 2017, 9:37 AM IST
टीडीएस घोटाले में फंसे कर्मचारी ने की आत्महत्या, सीबीआई फाइल करने वाली थी चार्जशीट
आनंद वाजपेयी का फाइल फोटो
Santosh Kumar | ETV UP/Uttarakhand
Updated: July 17, 2017, 9:37 AM IST
इनकम टैक्स विभाग में हुए टीडीएस घोटाले की जांच अब जानलेवा होती जा रही है. घोटाले में फंसे इनकम टैक्स विभाग के कर्मी ने आत्महत्या कर ली है. लखनऊ निवासी इस कर्मी ने हरिद्वार में एक धर्मशाला में फांसी लगाकर जान दे दी. आरोपी द्वारा आत्महत्या की इस घटना ने टीडीएस घोटाले के अन्य आरोपियों और सीबीआई जांच की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

लखनऊ के महानगर इलाके के निशातगंज चौथी गली में रहने वाले आनंद वाजपेयी ने हरिद्वार के लखनऊ धर्मशाला में फांसी लगाकर जान दे दी. बताया जा रहा है कि इनकम टैक्स में संविदा पर काम करने वाले आनंद वाजपेयी के दो बैंक खातों में 49-49 हजार का भुगतान किया गया.

आनंद घोटाले के वक्त इनकम टैक्स विभाग के टीडीएस सेक्शन में आपरेटर के पद पर था. सीबीआई ने घोटाले की जांच करते हुये 10 जुलाई को आनंद से पूछताछ की. करीब 3 घंटे तक वीआईपी गेस्ट हाऊस में चली इस पूछताछ के बाद आनंद घर चला गया. अगले दिन 11 जुलाई को आनंद घर से साढे 10 बजे निकला और फिर शाम तक वापस नही आया.

आनंद के पिता की तरफ से इस मामले में 12 जुलाई को लखनऊ के ही महानगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. उधर आनंद 12 जुलाई को हरिद्वार की लखनऊ धर्मशाला में रुका था. करो़ड़ों के इस घोटाले की जांच कर रही सीबीआई के सूत्र कहते हैं कि जल्द ही आनंद को इस मामले में चार्जशीट करने वाली थी, क्योंकि उसके खिलाफ सबूत थे. वहीं हरिद्वार में धर्मशाला के कमरे से डायरी के अंदर लिखे 2 पेज के सुसाइड नोट को काफी अहम माना जा रहा है. आनंद ने इस सुसाइड नोट के साथ-साथ उस डायरी में अपने तमाम राज लिखे हैं, जो अब सीबीआई के हवाले होगी.

गौरतलब है कि इनकम टैक्स रिटर्न में पहले फर्जीवा़ड़ा और फिर टीडीएस के भुगतान में हेराफेरी. लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, हरिद्वार की 15 शराब कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी इनकम टैक्स रिटर्न भरकर फर्जी बैंक खाते में हुए टीडीएस भुगतान का घोटाला अब तेजी पकड़ रहा है. अप्रैल 2017 में सीबीआई की एंटी करप्शन यूनिट ने जांच शुरू की.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर