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Supertech Emerald Case: योगी सरकार ने गठित की SIT, एक सप्ताह के अंदर देगी रिपोर्ट

Supertech Emerald Case: योगी सरकार ने गठित की SIT, एक सप्ताह के अंदर देगी रिपोर्ट

योगी सरकार ने नोएडा सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट केस में जांच के लिए SIT का गठन किया है.

योगी सरकार ने नोएडा सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट केस में जांच के लिए SIT का गठन किया है.

NOSupertech Emerald Court Case: योगी सरकार ने सुपरटेक एमरॉल्ड मामले में SIT की टीम का गठन किया है. SIT टीम 2004 से लेकर अब तक की जांच करेगी और एक हफ्ते के अंदर सीएम योगी आदित्यनाथ का रिपोर्ट सौंपेगी.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नोएडा सुपरटेक एमरॉल्ड मामले (Noida Supertech Emerald Court Case) में SIT की टीम का गठन किया है. संजीव मित्तल की अध्यक्षता में टीम गठित हुई है. मनोज सिंह ACS राजस्व सदस्य होंगे, इसके अलावा राजीव सब्बरवाल ADG मेरठ ज़ोन भी SIT टीम के मेम्बर होंगे. साथ ही अनूप कुमार श्रीवास्तव मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक भी SIT के सदस्य होंगे. कमेटी अपनी जांच कर पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को एक सप्ताह के भीतर सौंपेगी. SIT 2004 से लेकर अब तक के प्रकरण की जांच करेगी.

SIT सुपरटेक के मामले में 2004 से लेकर 2017 तक बनने वाले बिल्डिंगों के नक्शा अधिकारी और बिल्डरों की मिलीभगत की जांच करेगी. साथ ही सुपरटेक बिल्डिंग के मामले में शामिल बिल्डर और अफसरों की भूमिका भी तय करेगी. रिपोर्ट कई बड़े तत्कालीन अधिकारियों का नपना तय है.

सुपरटेक पर कार्रवाई को लेकर मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि नोएडा में सुपरटेक की 40 मंजिला भवन की जांच के लिए सरकार ने आदेश दिए हैं. SIT गठित की गई है और हम कार्रवाई करेंगे. सिंह ने कहा कि सिर्फ बिल्डर ही दोषी नहीं होते हैं, पिछले कई सालों में जो अफसर उसमें शामिल रहे हैं. मिलीभगत करके गैर कानूनी काम किया. उनके खिलाफ भी हमारी सरकार कार्रवाई करेगी. मनमाने नियमों की नींव पर टॉवर बने हैं. अधिकारी और बिल्डर की साठगांठ से दोनों टॉवर तैयार हुए हैं. दोनों टॉवर के लिए नियमों को ताक पर रखा, तीन बार संसोधन किया गया.

नियम ताक पर, तीन बार हुआ संशोधन

पहला- 29 सितंबर 2006: अथॉरिटी ने एमरॉल्ड प्रोजेक्ट में पहला संशोधन कर दो और अतिरिक्त मंज़िल निर्माण का नक्शा पास किया. इस तरह से 14 टावर का ग्राउंड प्लस 9 मंजिल बिल्डिंग का नक्शा ग्राउंड प्लस 11 मंजिल का हो गया. टावर नंबर 15 में भूतल और 11 मंजिल बनाने का नक्शा था. टावर नंबर 16 में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का नक्शा भूतल के साथ एक और मंजिल का जारी हुआ. इस तरह से अथॉरिटी ने कुल 16 टावर भूतल और 11 मंजिल का जारी किया. इनमें प्रत्येक टावर की ऊंचाई 37 मीटर तय की गई.

दूसरा- 26 नवंबर 2009: टावर नंबर 17 का नक्शा दिया गया, इसके साथ ही टावर नंबर 16 और 17 पर भूतल और 24 मंजिल निर्माण का नक्शा पास किया गया। बताया कि इसकी ऊंचाई 73 मीटर होगी.

तीसरा- 2 मार्च 2012:  टावर नंबर 16 और 17 के लिए FAR और बनाया गया. अथॉरिटी से यह मंजूरी दी गई कि यह दोनों टावर भूतल और 40 मंजिल के होंगे इनके ऊंचाई 121 मीटर तय की गई.

फैक्ट फाइल: प्लान के अनुसार जून 2005 में पास हुआ 14 टॉवर का नक्शा

-23 नवंबर 2004 को अथॉरिटी ने सेक्टर 93a में ग्रुप हाउसिंग का प्लॉट नंबर 4 जिसका क्षेत्रफल 48263 वर्ग मीटर था.
-ओरिजिनल प्लान के मुताबिक जून 2005 में आवंटित ग्रुप हाउसिंग के प्लॉट पर 14 टावर का नक्शा पास किया गया.
-नक्शे में सभी टावर भूतल और 9 मंजिल के पास किए गए.
-21 जून 2006 को एक सप्लीमेंट्री रिजल्ट की गई, इसमें इस प्लॉट को 6556.1 वर्ग मीटर और जमीन दी गई. प्लॉट 54, 819 वर्ग मीटर का हो गया. अतिरिक्त जमीन पर कब्जे का सर्टिफिकेट 23 जून 2006 को अथॉरिटी ने जारी किया.
-5 सितंबर 2006 को नोएडा अथॉरिटी ने एरिया में 2006 के बाद के अथॉरिटी के लिए एफएआर 1.5 से 2 करने का फैसला लिया.

Tags: Supertech Twin Tower case, UP police, Yogi government

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